ग्वालियर। ग्वालियर में हवाई यात्रा करने वालों और साडा (SADA - स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) ने एयरपोर्ट से लेकर साडा तक एक नया और सीधा कॉरिडोर बनाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) फाइनल कर दी है। शासन स्तर से इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। उम्मीद है कि नवंबर-दिसंबर तक इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
391.86 करोड़ का प्रोजेक्ट, 8.71 किलोमीटर लंबी होगी सड़क
इस पूरे कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 391.86 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह कॉरिडोर 8.71 किलोमीटर लंबा और 40 मीटर (करीब 131 फीट) चौड़ा होगा। यह नई सड़क एयरपोर्ट से शुरू होकर जिगसौली मौजा के शताब्दीपुरम, पुरानी छावनी होते हुए सीधे अटल द्वार तक पहुंचेगी। इसके आगे साडा क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर, महू, जमाहर सहित आसपास के कई ग्रामीण इलाके सीधे इस कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। कॉरिडोर के दोनों ओर लोगों की सुविधा के लिए फुटपाथ, सर्विस रोड और हरियाली के लिए ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी।
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जमीन का इस्तेमाल बदलेगा: सिर्फ सड़क नहीं, आवासीय और व्यावसायिक केंद्र भी बनेंगे
जीडीए ने इस कॉरिडोर को केवल एक सड़क परियोजना तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे एक बड़े विकास मॉडल के तौर पर तैयार किया है: कॉरिडोर के दोनों ओर 200 मीटर के दायरे में नई आवासीय योजनाएं (Residential Projects) विकसित की जाएंगी। रहवासियों की सुविधा के लिए छोटे व्यावसायिक केंद्र (Commercial Centers) भी बनाए जाएंगे। भविष्य में ये आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां जीडीए के लिए आय का एक बड़ा और मजबूत जरिया बनेंगी।
साडा के औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी रफ्तार
इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा रणनीतिक फायदा साडा के औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा। साडा में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तक एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। बाहर से आने वाले उद्योगपति और निवेशक एयरपोर्ट से उतरकर बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे साडा पहुंच सकेंगे। इससे इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और नए निवेश आने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाएगी।
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अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने की तैयारी
इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए एयरपोर्ट से लेकर महू, जमाहर, जलालपुर और पुरानी छावनी क्षेत्र से जुड़ी करीब 279.73 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। कॉरिडोर के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए जीडीए ने करीब 100 ऐसे स्थानों (दुकानों/ढांचों) को चिह्नित किया है, जो प्रस्तावित चौड़ाई में बाधक हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही इन अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जीडीए के सिटी प्लानर सतेंद्र तोमर के अनुसार, "डीपीआर फाइनल हो चुकी है। अब इसे सीईओ की स्वीकृति के बाद बोर्ड मीटिंग में रखा जाएगा। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।"











