छतरपुर, संजय अवस्थी। छतरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरकौहा में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां स्थानीय काली मंदिर का प्रसाद खाने के बाद एक ही परिवार के 8 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
पीड़ित परिवार के सदस्य गणेश कुशवाहा के अनुसार, गांव का ही निवासी बबलू रजक काली मंदिर पर बैठता है और तांत्रिक क्रियाएं करता है। उसने परिवार को विशेष पूजा और प्रसाद चढ़ाने के बहाने मंदिर बुलाया था। पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद बबलू रजक ने उन्हें आधा किलो पेड़ा प्रसाद के रूप में दिया। शाम को जब घर के सभी सदस्यों ने मिलकर यह प्रसाद खाया, तो महज 20 मिनट के भीतर एक-एक कर सभी की हालत बिगड़ने लगी।
जमीन पर लोटने लगे परिजन, पागलों जैसी हरकतें और चक्कर आने के लक्षण
गणेश कुशवाहा ने बताया कि प्रसाद खाने के थोड़ी ही देर बाद सभी को तेज चक्कर आने लगे। देखते ही देखते घर के सदस्य जमीन पर गिरकर तड़पने और लोटने लगे। सभी का मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा और वे अजीबोगरीब हरकतें करते हुए अनाप-शनाप बातें बोलने लगे। परिवार का आरोप है कि तांत्रिक बबलू रजक ने किसी दुर्भावना या जादू-टोने के तहत प्रसाद में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ मिलाकर दिया है। रात भर स्थिति बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के परिजनों और ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में सभी 8 लोगों को छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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बीमारों में 3 महिलाएं, 4 मासूम और 1 पुरुष; 2 साल का बच्चा PICU में भर्ती
बीमार पड़ने वालों में परिवार के 1 पुरुष, 3 महिलाएं (जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है) और 1, 2, 8 व 11 वर्ष के 4 मासूम बच्चे शामिल हैं। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे एक ही परिवार के 8 मरीजों को आपातकालीन वार्ड में लाया गया था। सभी मरीजों में अस्थिर व्यवहार (अनस्टेबल बिहेवियर), बहकी-बहकी बातें करने (इरेलेवेंट टॉकिंग) और लगातार चक्कर आने के गंभीर न्यूरोटॉक्सिक लक्षण देखे गए। डॉक्टरों की त्वरित निगरानी में चले सघन इलाज के बाद 7 मरीजों की स्थिति अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, 2 साल के बच्चे की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है, जिसे गहन बाल चिकित्सा इकाई (PICU) में रखकर वेंटिलेशन व विशेषज्ञों की विशेष निगरानी दी जा रही है।
डॉक्टरों की मल्टी-स्पेशलिटी टीम जुटी, पुलिस को दी गई सूचना
सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेडिसिन, पीडियाट्रिक और गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग) विशेषज्ञों की संयुक्त टीम उपचार में जुटी है। गर्भवती महिला का विशेष परीक्षण गायनिक टीम द्वारा किया गया है और फिलहाल गर्भस्थ शिशु की स्थिति सुरक्षित बताई गई है। वहीं, खाद्य विषाक्तता या तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी जहरीली वस्तु के सेवन की आशंका को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को औपचारिक सूचना (मेमो) भेज दी है। कोतवाली पुलिस अब पीड़ित परिवार के बयानों और डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी तांत्रिक बबलू रजक के खिलाफ जांच और पूछताछ की तैयारी कर रही है।











