श्योपुर, उत्तम सिंह । आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में चल रहे सात दिवसीय सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स प्रशिक्षण के चौथे दिन वॉलंटियर्स को रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, चिकित्सा सहायता और सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान वॉलंटियर्स को विभिन्न आपदा प्रबंधन उपकरणों के उपयोग का प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
रेस्क्यू उपकरणों की दी गई जानकारी
जिला होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट परिसर में विभिन्न रेस्क्यू एवं आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट अश्विनी कुमार सूद के निर्देशन में प्रशिक्षकों एवं रेस्क्यू टीम ने 100 वॉलंटियर्स को उपकरणों की कार्यप्रणाली, उपयोग और सुरक्षा सावधानियों की जानकारी दी। इस दौरान उपकरणों का प्रायोगिक प्रदर्शन भी कराया गया।
आस्का लाइट से रेस्क्यू का प्रैक्टिकल
प्रशिक्षण के दौरान आस्का लाइट के उपयोग का भी प्रायोगिक प्रदर्शन किया गया। वॉलंटियर्स को बताया गया कि रात के समय या कम रोशनी वाले स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आस्का लाइट की मदद से घटनास्थल को रोशन किया जा सकता है। इससे राहत एवं बचाव कार्य को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संचालित करने में सहायता मिलती है।
चिकित्सकों ने सिखाया सीपीआर और प्राथमिक उपचार
जिला अस्पताल की चिकित्सकीय टीम ने प्रशिक्षण में सहभागिता करते हुए वॉलंटियर्स को आपातकालीन चिकित्सा सहायता की जानकारी दी। चिकित्सकों ने सीपीआर कब और कैसे दिया जाए, इसका प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही दुर्घटना या आपदा में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने से पहले दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा और आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया गया।
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की दी जानकारी
ट्रैफिक टीम ने वॉलंटियर्स को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। प्रशिक्षण में बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन नहीं चलाने तथा स्वयं के साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने की समझाइश दी गई। इसके अलावा ‘राहगीर योजना’ और ‘हिट एंड रन प्रतिकर योजना’ के बारे में भी जानकारी दी गई।
दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए किया जागरूक
वॉलंटियर्स को बताया गया कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को सरकारी योजनाओं का लाभ किस प्रकार मिल सकता है। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल मदद कर समय पर जान बचाने में नागरिकों की भूमिका को भी समझाया गया।
बहुआयामी प्रशिक्षण से तैयार हो रहे वॉलंटियर्स
सिविल डिफेंस प्रशिक्षण का उद्देश्य वॉलंटियर्स को केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित न रखते हुए उन्हें रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के लिए बहुआयामी रूप से तैयार करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से वॉलंटियर्स में संकट के समय सही निर्णय लेने, संसाधनों का सुरक्षित उपयोग करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करने की क्षमता विकसित की जा रही है।











