उमरिया, तपस गुप्ता। जिले के पाली विकासखंड के कई आदिवासी गांव आज भी बिजली, सड़क, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ग्राम पंचायत कठई के चिनकी, सांस और बिजली सहित गजवाही एवं पैली गांवों की समस्याओं को लेकर आदिवासी कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।


आवेदन के अनुसार इन गांवों में बैगा और गौंड आदिवासी परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं हो सका है। चिनकी, सांस और बिजली गांवों में विद्युतीकरण की समस्या के साथ पक्की सड़क, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की कमी का मुद्दा उठाया गया है। नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को संचार और ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग में परेशानी का सामना करना पड़ता है।


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गजवाही गांव में गौंड आदिवासी परिवारों के बीच बिजली की समस्या बताई गई है, जबकि पैली गांव में सड़क और बिजली की सुविधा को लेकर शिकायत की गई है। बारिश के दौरान सड़क और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ने का दावा भी आवेदन में किया गया है।


ग्रामीणों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी सामने रखे गए हैं। आवेदन में कहा गया है कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है। वहीं बिजली और मोबाइल नेटवर्क की कमी से बच्चों की पढ़ाई तथा विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।


आदिवासी कांग्रेस ने कलेक्टर से प्रशासनिक दल भेजकर गांवों का भौतिक निरीक्षण कराने तथा बिजली, सड़क, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन ने 15 दिनों के भीतर धरातल पर काम शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि वर्षों से चली आ रही इन समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।