छतरपुर, रोहित पाठक। एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत लौटीं स्टार क्रिकेटर क्रांति गौड़ शुक्रवार को बागेश्वर धाम पहुंचीं। धाम आगमन पर उन्होंने सबसे पहले बालाजी सरकार के मुख्य मंदिर के गर्भगृह में शीश नवाया और विधिवत पूजन-अर्चन कर देश और अपनी टीम की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराकर लौटीं देश की होनहार बेटी को अपने बीच पाकर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और लोगों ने तालियों व नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बालाजी के दर्शन के उपरांत क्रांति गौड़ ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार व आत्मीय भेंट की। मुलाकात के दौरान क्रिकेटर ने अपनी ऐतिहासिक खेल यात्रा और अंतरराष्ट्रीय मैदान के अनुभवों को साझा किया। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए अंगवस्त्र व प्रसाद भेंट किया और भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट और राष्ट्र का मान अंतरराष्ट्रीय पटल पर बढ़ाने का शुभाशीष प्रदान किया।
धाम में मीडिया और श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय ईश्वरीय कृपा और देश के 140 करोड़ नागरिकों के प्यार को दिया। उन्होंने कहा कि मैदान पर हर गेंद और हर ओवर में देशवासियों की दुआएं और बालाजी सरकार का आशीर्वाद उनके साथ संबल बनकर खड़ा रहा। उन्होंने युवाओं और खासकर बेटियों से खेल के क्षेत्र में पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अटूट विश्वास और निरंतर कठोर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।














