नई दिल्ली। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ मिलकर सोमवार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी के महत्वपूर्ण और रणनीतिक 7वें चरण का शुभारंभ करेंगे। यह जानकारी खान मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई। खान मंत्रालय ने कहा कि देश के आर्थिक विकास और खनिज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज अत्यंत आवश्यक हैं। स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों की ओर वैश्विक बदलाव ने लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई), टंगस्टन, वैनेडियम, टाइटेनियम और अन्य दुर्लभ धातुओं जैसे खनिजों की मांग में मजबूत वृद्धि की है, लेकिन इनकी सीमित उपलब्धता और भौगोलिक एकाग्रता विश्व स्तर पर सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए चुनौतियां पेश करती हैं।


मंत्रालय के मुताबिक, इन खनिजों के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भारत सरकार ने 17 अगस्त 2023 को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) में संशोधन किया और 24 खनिजों को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज घोषित किया। इस संशोधन से केंद्र सरकार को इन खनिजों के लिए खनन पट्टे और संयुक्त लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार प्राप्त हुआ है। इन नीलामियों से प्राप्त राजस्व संबंधित राज्य सरकारों को प्राप्त होता है।


अब तक, खान मंत्रालय ने नीलामी के छह चरणों को सफलतापूर्वक शुरू किया है, जिसमें 46 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी पहले ही हो चुकी है, जो मजबूत उद्योग भागीदारी और भारत के खनिज क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित करता है। मंत्रालय के अनुसार, इसी गति को बनाए रखते हुए, सातवीं किश्त के अन्‍तर्गत कई राज्यों में खनन पट्टा और मिश्रित लाइसेंस के अंतर्गत 19 ब्लॉक उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ब्लॉकों में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी, उर्वरक और रणनीतिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों का विविध भंडार शामिल है।


खनिज ब्लॉकों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए नीलामी ढांचे को लगातार मजबूत किया गया है। हाल के सुधारों, जिनमें खनिज (नीलामी) द्वितीय संशोधन नियम, 2025 शामिल हैं, ने प्रदर्शन सुरक्षा जमा करने, अग्रिम भुगतान और आशय पत्र जारी करने जैसी नीलामी के बाद की समय-सीमाओं को सुव्यवस्थित किया है। इसके अतिरिक्त, खनिज (नीलामी) संशोधन नियम, 2026 ने बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बांड का प्रावधान पेश किया है, जिससे बोलीदाताओं को अधिक सरलता होती है। मंत्रालय के अनुसार, यह नीलामी एक पारदर्शी दो-चरण वाली आरोही नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल बोलीदाता का चयन भेजे गए खनिज के मूल्य के उच्चतम प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।