तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता पिनाराई विजयन ने सोमवार को पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में जारी अशांति को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं ने छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की पारदर्शी जांच और मलयाली छात्रों की सुरक्षा तथा उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार टॉलरेंस की राजनीति कर रही है, जिसमें लोगों को विरोध-प्रदर्शन करने के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यूनिवर्सिटी में हालात से निपटने के पुलिस के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए।
वेणुगोपाल ने कहा, "सरकार ऐसी टॉलरेंस राजनीति कर रही है जिसमें लोगों को विरोध करने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है।"
उन्होंने बताया कि झड़पों के बाद यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मलयाली छात्रों ने उनसे संपर्क किया है। इन छात्रों की केरल वापसी के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
पिनाराई विजयन ने कहा कि यूनिवर्सिटी में हुए घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आने के बाद छात्र सड़कों पर उतर आए।
विजयन ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर तथा भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के नेतृत्व वाले विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस और संघ परिवार के कार्यकर्ताओं की मदद से छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की।
उन्होंने ऐसी कोशिशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की व्यापक और पारदर्शी जांच कराने की मांग की, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
विजयन ने छात्रों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों में यूनिवर्सिटी प्रबंधन की भूमिका की भी बिना किसी समझौते के जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 1,500 से ज्यादा मलयाली छात्रों की सुरक्षा है।
हिंसा के बाद 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित किए जाने का जिक्र करते हुए विजयन ने कहा कि छात्रों की सुरक्षित घर वापसी के लिए जरूरी व्यवस्था की जानी चाहिए।
माकपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि केंद्र और केरल सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए छात्रों को जालंधर से दिल्ली और फिर वहां से केरल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने जरूरत पड़ने पर विशेष ट्रेनें या ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने के लिए रेलवे के साथ तालमेल बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों की वापसी के कारण टिकटों की कमी हो सकती है।
केरल के दोनों नेताओं ने छात्रों और उनके माता-पिता की चिंताओं को तुरंत दूर करने पर जोर दिया। वेणुगोपाल ने विरोध के अधिकार को कथित तौर पर दबाने और पुलिस की कथित लापरवाही का मुद्दा उठाया, जबकि विजयन ने निष्पक्ष जांच के साथ केरल के छात्रों की सुरक्षित घर वापसी के लिए तत्काल इंतजाम करने की मांग की।













