शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी में एक बेहद मार्मिक, हैरान कर देने वाली और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन का असमय और दुखद निधन हो गया। अभी शोकाकुल परिवार के सदस्य कांग्रेस नेता के अंतिम संस्कार की तैयारियां ही कर रहे थे कि परिवार पर दुखों का एक और वज्रपात हो गया। अपने कलेजे के टुकड़े यानी बेटे की मौत का गहरा गम 102 वर्षीय बूढ़ी मां राजूबाई सहन नहीं कर सकीं। बेटे के निधन के करीब 20 घंटे बाद तड़प-तड़पकर उनका भी निधन हो गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ मां और बेटे की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। जब एक ही घर से एक साथ दो अर्थियां निकलीं, तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। श्मशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। इस मार्मिक और अभूतपूर्व दृश्य को जिसने भी देखा, वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया और हर आँख नम हो गई।
विभागीय जानकारी के मुताबिक, मक्सी के कद्दावर कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन का रविवार सुबह अचानक अस्थमा (दमा) का तेज दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया था। इस अचानक हुई दुखद घटना से पूरा परिवार और राजनीतिक गलियारा स्तब्ध था। चूंकि परिवार के कुछ करीबी सदस्य और रिश्तेदार काफी दूर रहते थे और उनका दतिया या अन्य दूरदराज के क्षेत्रों से आना बाकी था, इसलिए परिवार ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि नरेंद्र जैन का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। शव को घर पर ही अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था और सोमवार सुबह अंतिम संस्कार की अंतिम तैयारियां की जा रही थीं।
तैयारियों के बीच ही घर में एक और बड़ी त्रासदी ने दस्तक दे दी। 102 वर्ष की हो चुकीं वृद्ध माता राजूबाई अपने जवान बेटे के असमय चले जाने का असहनीय दुख और सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं। बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर अचानक उनकी तबीयत बेहद बिगड़ गई। इससे पहले कि घबराया हुआ परिवार कुछ समझ पाता या उन्हें किसी अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय सहायता दिला पाता, ममता की प्रतिमूर्ति माता जी ने अपने बेटे के वियोग में दम तोड़ दिया। बेटे की मौत के ठीक 20 घंटे बाद मां का चले जाना पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल गया।
एक ही घर से एक साथ मां और बेटे की अर्थियां उठने की खबर जैसे ही मक्सी और आसपास के क्षेत्रों में फैली, पूरे शाजापुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। मक्सी के मुख्य मार्गों से जब यह अंतिम यात्रा निकली, तो बाजार में मौजूद हर नागरिक भरे मन से इस अनूठे मातृ-प्रेम को नमन करता नजर आया। लोग भावुक होकर कह रहे हैं कि मां अपने बेटे को इस दुनिया में भी अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी और जाते-जाते भी उसका साथ निभा गई।
इस समय एक साथ अपने दो मुख्य सदस्यों को खोने के बाद जैन परिवार पूरी तरह टूट चुका है और गहरे सदमे में है। कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के घर पहुंच रहे हैं और उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने के लिए ढांढस बंधा रहे हैं। समूचा मक्सी शहर इस समय गमगीन माहौल में डूबा हुआ है।




