छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस महकमे में पदोन्नति की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में छतरपुर जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) रजत सकलेचा (भापुसे) ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए जिले में पदस्थ 290 से अधिक आरक्षकों (कांस्टेबलों) को प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) के पद पर स्थानापन्न व अस्थाई रूप से पदोन्नत किया है। इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे जवानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 30 जून 2026 को जारी पत्र और विधिक परामर्श के आधार पर 'म.प्र. लोकसेवा पदोन्नति नियम 2025' के अंतर्गत यह कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके पालन में छतरपुर एसपी द्वारा 9 जुलाई 2026 को एक विशेष विभागीय समिति का गठन किया गया था। समिति की 12 जुलाई 2026 को हुई बैठक में योग्यता और नियमों की समीक्षा के बाद अंतिम सूची को मंजूरी दी गई और कल देर शाम आदेश जारी कर दिए गए।
जारी आदेश के तहत आरक्षकों को वर्तमान में लागू सातवें वेतनमान (म.प्र. वेतन पुनरीक्षण नियम-2017) के अंतर्गत पदोन्नत पद का लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मिलेगा। पदोन्नत सूची को तीन प्रमुख संवर्गों में विभाजित किया गया है:
- अनुसूचित जनजाति (ST) संवर्ग: कुल 16 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक बनाया गया है, जिनमें जुगल किशोर, राजन सिंह, वीरेंद्र सिंह और महिला आरक्षक वर्षा गौड व प्रीति गौड शामिल हैं।
- अनुसूचित जाति (SC) संवर्ग: इस वर्ग से सबसे अधिक 53 आरक्षकों को पदोन्नत किया गया है, जिसमें बिहारी लाल राय, कामता प्रसाद, बालेन्द्र कुमार और आरक्षक (ट्रेड) मनोज कुमार बाल्मीक प्रमुख हैं।
- अनारक्षित/अन्य पिछड़ा वर्ग (General/OBC) संवर्ग: इस संयुक्त संवर्ग से सर्वाधिक 227 जवानों को पदोन्नति का लाभ मिला है, जिनमें विष्णु प्रसाद तिवारी, गोरेलाल सिंह, रामआसरे केवट, रजिया बेगम और विनीता दांगी शामिल हैं। सूची में शामिल ट्रेडमैन पदोन्नति के बाद भी अपने मूल संवर्ग का ही कार्य संभालेंगे।
एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस नियमित पदोन्नति आदेश के बाद पूर्व में (जीओपी 148/21 के तहत) दिए गए सभी कार्यवाहक प्रभार तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे। इसके साथ ही, यह समस्त पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/16 और उच्च न्यायालय द्वारा भविष्य में दिए जाने वाले अंतिम आदेशों के अधीन रहेंगी।
पदोन्नत हुए सभी शासकीय सेवकों को अपने वेतन निर्धारण के लिए म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के नियम 13 के अनुसार, आदेश प्राप्ति की तारीख से 1 महीने के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी कर्मचारी पर वर्तमान में कोई विभागीय दंड प्रभावी है जो उसे इस नियम के तहत अयोग्य ठहराता है, तो उसकी जॉइनिंग रोककर तत्काल एसपी कार्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि अति. पुलिस महानिदेशक (प्रशासन व चयन) भोपाल और सागर जोन आईजी सहित सभी संबंधित थानों और शाखाओं को भेज दी गई है।




