भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश के देवास में शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं। अवैध शराब ले जा रहे माफिया के ट्रक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को कुचल दिया, जिससे पुलिस महकमे समेत पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य की मोहन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं, माफिया बेखौफ
कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, उमंग सिंघार ने पूछा- माफियाओं को किसका संरक्षण?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने देवास घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में अब आम जनता ही नहीं, बल्कि कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी भी शराब माफियाओं का शिकार बन रहे हैं। शराब माफिया बिना किसी डर के पुलिसकर्मियों पर गाड़ियां चढ़ा रहे हैं, जो प्रदेश की बिगड़ी हुई कानून-व्यवस्था की पोल खोलता है।
जहरीली शराब और माफिया का आतंक
छोटे कर्मचारियों पर गाज, बड़े जिम्मेदारों को बचाने का आरोप
उमंग सिंघार ने सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता एक तरफ जहरीली शराब पीकर अपनी जान गंवा रही है, तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मी माफियाओं की बेलगाम गाड़ियों का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौन साधे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बड़े हादसे के बाद सरकार केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी करती है, जबकि असली जिम्मेदारों और बड़े चेहरों को बचा लिया जाता है।
जनता मांग रही जवाब, मौन तोड़ें मुख्यमंत्री
क्या शराब माफियाओं पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम है मोहन सरकार?
नेता प्रतिपक्ष ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जनता जानना चाहती है कि आखिर शराब माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है? आखिर क्यों मोहन सरकार माफियाओं पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है? उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का माफिया राज प्रदेश में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को इन सभी सवालों के जवाब जनता के सामने देने होंगे।

















