खजुराहो, तुलसीदास सोनी: मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित आदिवर्त जनजातीय एवं लोककला राज्य संग्रहालय, खजुराहो में साप्ताहिक सांस्कृतिक श्रृंखला ‘देशज’ के अंतर्गत 1 नवंबर 2026 को लोकसंस्कृति से सराबोर शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और कलाकारों के पारंपरिक सम्मान के साथ हुआ।

इस सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत सीधी के कलाकार श्री सृजन मिश्र द्वारा बघेली लोकगीतों से हुई। उन्होंने सोहर, बधाई, कुआँ पूजन और विवाह संस्कार के पारंपरिक गीत गाकर बघेली लोकजीवन की आत्मीयता, आस्था और संस्कारों को जीवंत कर दिया।

इसके बाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डिंडोरी के पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ कलाकार श्री अर्जुन सिंह धुर्वे की प्रस्तुति रही, जिन्होंने बैगा जनजातीय कर्मा नृत्य प्रस्तुत किया। बैगा संस्कृति में कर्मा नृत्य का विशेष महत्व है, जो फसल कटाई के बाद उत्साहपूर्वक किया जाता है। इसकी अनूठी विशेषता सोलह बाजों और सोलह तालों की परंपरा के साथ-साथ पुरुष-महिला दलों के बीच गायन की चुनौती है, जिसने दर्शकों को बैगा जनजाति की समृद्ध लोकपरंपरा से रूबरू कराया।

कार्यक्रम का समापन पिछोर की सुश्री वर्षा प्रजापति के बुंदेली लोकगीतों से हुआ। उन्होंने देवी भजनों और संस्कार गीतों के जरिए बुंदेली संस्कृति की भक्ति और लोक परंपराओं की सुंदर छटा बिखेरी।