छतरपुर, संजय अवस्थी। परीक्षा परिणाम और सीसीई में कथित अनियमितताओं को लेकर महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर के बाहर धरने पर बैठे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद अपना धरना समाप्त कर दिया। छात्रों ने परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी और विश्वविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।


छात्र नेता अश्विनी मिश्रा ने बताया कि छात्र बीते दिन दोपहर करीब दो बजे से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणामों में अनियमितताओं और विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में भी कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके अलावा विरोध स्वरूप पुतला दहन भी किया गया, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण छात्रों को धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा।


छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद कुछ विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया है। वहीं सीसीई और परीक्षा परिणाम से जुड़ी अन्य कथित विसंगतियों के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायतों का शीघ्र निराकरण करना चाहिए।


धरने के दौरान छात्रों ने चेतावनी दी थी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करता है तो सोमवार से अनवरत धरना शुरू किया जाएगा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समस्याओं का नियमानुसार जल्द निराकरण किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया।


विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव हर्षित ताम्रकार ने बताया कि छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है। विद्यार्थियों की जो भी समस्याएं हैं, उनका नियमानुसार जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में उपस्थित रहने के बावजूद यदि किसी विद्यार्थी को परिणाम में अनुपस्थित दर्शाया गया है तो जांच के बाद उसके परीक्षा परिणाम में आवश्यक सुधार किया जाएगा।