बालाघाट, रितेश सोनी । जिले की जनपद पंचायत कटंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरलांजी में करीब 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन सहकारिता भवन महज दो माह में ही परेशानी का सबब बन गया है। भवन की छत से पानी टपकने और दीवारों में दरारें आने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छत से पानी रिसने के कारण भवन में रखी किसानों की यूरिया और अन्य रासायनिक खाद की कुछ बोरियों में नमी आने की बात भी सामने आई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत खैरलांजी को नवीन सहकारिता भवन के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय ठेकेदार से भवन का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की पर्याप्त निगरानी नहीं की, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है।
हाल ही में ग्राम पंचायत से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित खैरलांजी ने इस नवीन भवन को हैंडओवर लिया था। समिति के संचालन को अभी करीब दो माह ही हुए हैं और भवन की छत टपकने के साथ दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। बारिश का पानी अंदर आने के कारण किसानों को वितरण के लिए रखी गई खाद की कुछ बोरियों में नमी आ गई। बताया जा रहा है कि किसान अब नमी वाली खाद लेने से इनकार कर रहे हैं, जिससे समिति कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है।
भवन में लगाए गए दरवाजे और खिड़कियों की मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से समिति को खिड़कियों में अलग से लोहे की रॉड लगाकर वेल्डिंग करानी पड़ी। वहीं छत से पानी का रिसाव रोकने और सरकारी दस्तावेजों व खाद को सुरक्षित रखने के लिए भी समिति को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
मामले को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने के साथ ही दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि यदि निर्माण में अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित लोगों से राशि की वसूली कर भवन की मरम्मत कराई जाए, ताकि सहकारी समिति को हर साल अपने सीमित बजट से नवीन भवन की मरम्मत का बोझ न उठाना पड़े।




