भोपाल। मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने और प्रदेश में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) तथा अधोसंरचना विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों के लिए कुल 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि (Tax Devolution) जारी की है। इस मद में मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी यह अतिरिक्त राशि 10 अगस्त को जारी होने वाली नियमित मासिक कर हस्तांतरण किश्त से पूरी तरह अलग है। केंद्र सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फैसला राज्यों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने तथा विकास और जनकल्याणकारी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लिया गया है।


कर आवंटन में मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर

केंद्र सरकार द्वारा जारी इस अतिरिक्त टैक्स डिवॉल्यूशन में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा सबसे बड़ा हिस्सा मिला है:

  • उत्तर प्रदेश: 19,208 करोड़ रुपये (प्रथम स्थान)
  • बिहार: 10,845 करोड़ रुपये (द्वितीय स्थान)
  • मध्य प्रदेश: 8,010 करोड़ रुपये (तृतीय स्थान)
  • पश्चिम बंगाल: 7,866 करोड़ रुपये
  • महाराष्ट्र: 7,022 करोड़ रुपये
  • राजस्थान: 6,460 करोड़ रुपये

इसके अलावा ओडिशा को 4,819 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 4,504 करोड़ रुपये और तमिलनाडु को 4,466 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।


विकास कार्यों और बजट को मिलेगी मजबूती

8,010 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने से मध्य प्रदेश में सड़कों, पुलों, सिंचाई परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अन्य बुनियादी ढांचागत विकास कार्यों के लिए फंड की कमी दूर होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अक्टूबर 2025 में भी केंद्र सरकार ने राज्यों को त्योहारों के मौसम में विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए 1,01,603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी थी।


मजबूत टैक्स कलेक्शन के दम पर केंद्र का बड़ा कदम

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में केंद्र सरकार का शुद्ध कर राजस्व (Net Tax Revenue) बढ़कर 6.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 5.4 लाख करोड़ रुपये था। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के इस मजबूत संग्रहण की बदौलत ही केंद्र सरकार राज्यों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध करा पा रही है।