भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल के रिहायशी इलाकों में नियमों के विपरीत संचालित दुकानों, ऑफिस, कैफे, रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर, क्लीनिक और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट और रोहित नगर सहित कई इलाकों में कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम को 19 प्रतिष्ठानों को बंद कराना था, लेकिन प्रशासन की सख्ती का असर इससे पहले ही दिखाई दिया। करीब 65 कारोबारियों ने स्वयं अपनी दुकानें और कार्यालय बंद कर दिए।
नगर निगम की ओर से पिछले दिनों शहरभर में करीब 1800 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें कहा गया था कि रिहायशी उपयोग के लिए स्वीकृत भवनों में बिना वैध अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकतीं। भवन मालिकों को निर्धारित समय में जवाब देने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अब कार्रवाई की जा रही है।
निगम के मुताबिक शहर के कई रिहायशी क्षेत्रों में लंबे समय से मकानों का व्यावसायिक उपयोग होने के कारण ट्रैफिक, पार्किंग, ध्वनि प्रदूषण सहित कई समस्याएं सामने आ रही थीं। स्थानीय रहवासियों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने मास्टर प्लान और संबंधित नियमों का सख्ती से पालन कराने का निर्णय लिया है।
यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम और मध्यप्रदेश भूमि विकास नियमों के तहत की जा रही है। रिहायशी भवन में व्यावसायिक गतिविधि के लिए आवश्यक अनुमति, लैंड यूज परिवर्तन सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस के बाद प्रतिष्ठान को बंद कराने, सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारी संगठनों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि भोपाल के कई रिहायशी इलाके वर्षों के दौरान व्यावसायिक क्षेत्रों के रूप में विकसित हो चुके हैं और हजारों परिवारों की आजीविका इन कारोबारों से जुड़ी है। व्यापारियों का दावा है कि अभियान व्यापक स्तर पर जारी रहा तो शहर के 30 हजार से अधिक प्रतिष्ठान इसकी जद में आ सकते हैं। व्यापारियों ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट नीति और वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग की है।
फिलहाल नगर निगम ने साफ किया है कि अभियान केवल कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में जहां भी रिहायशी भवनों का नियमों के विपरीत व्यावसायिक इस्तेमाल पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल के अन्य इलाकों में भी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई तेज हो सकती है।




