इंदौर। इंदौर नगर निगम ने जल आपूर्ति प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक वित्तीय कदम उठाया है। महापौर परिषद (MIC) की बैठक में नर्मदा जल प्रदाय परियोजना के चौथे चरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये के 'ब्लू बॉन्ड' (Blue Bond) जारी करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही इंदौर किसी जल परियोजना के लिए 'ब्लू बॉन्ड' जारी करने वाला देश का पहला नगरीय निकाय बनने जा रहा है। नगर निगम का लक्ष्य इस वर्ष सितंबर के अंत तक बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर निवेशकों से पूंजी जुटाना है।


1,600 करोड़ की परियोजना: कर्ज के बजाय जनता के निवेश का मॉडल

नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के निष्पादन के लिए नगर निगम को कुल 1,600 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।


वित्तीय योजना: पहले पूरी राशि बैंक लोन से जुटाने की योजना थी, लेकिन अब 1,000 करोड़ रुपये 'ब्लू बॉन्ड' के जरिए जुटाए जाएंगे। शेष राशि बैंक ऋण और अन्य वित्तीय स्रोतों से जुटाई जाएगी।

केंद्र सरकार से सब्सिडी: इस ब्लू बॉन्ड को जारी करने पर केंद्र सरकार की ओर से नगर निगम को 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन सब्सिडी भी प्राप्त होगी।

निवेशकों को आकर्षक रिटर्न: निगम का दावा है कि बॉन्ड में निवेश करने वाले नागरिकों व संस्थागत निवेशकों को सामान्य बैंक एफडी/ब्याज दरों की तुलना में अधिक रिटर्न प्रदान किया जाएगा।


'ग्रीन बॉन्ड' की सफलता के बाद अब 'ब्लू बॉन्ड' की बारी

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर नगर निगम बैंक लोन या सरकारी अनुदान पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय नागरिकों और निवेशकों के सहयोग से शहर के विकास का नया आत्मनिर्भर मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।


इससे पूर्व इंदौर नगर निगम की वित्तीय पहल बेहद सफल रही है:


फरवरी 2023 का 'ग्रीन बॉन्ड': निगम ने जलूद में 60 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने के लिए 244 करोड़ रुपये का ग्रीन बॉन्ड जारी किया था।

6 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन: निवेशकों के जबरदस्त भरोसे के कारण 244 करोड़ रुपये के मुकाबले 700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

बिजली बिल में बचत: ग्रीन बॉन्ड से बने सोलर प्लांट के कारण नगर निगम को हर महीने लगभग 5 करोड़ रुपये की बिजली बचत हो रही है। वर्तमान में निगम इस बॉन्ड पर 8.25% ब्याज दे रहा है, जिसके एवज में केंद्र से 61 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली थी।


3 महीने में पूरी होगी प्रक्रिया

नगर निगम ने ब्लू बॉन्ड से जुड़ी क्रेडिट रेटिंग, मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति और सेबी (SEBI) की स्वीकृतियों की प्रक्रिया को आगामी तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके तुरंत बाद नर्मदा के चौथे चरण के जमीनी कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे इंदौर शहर की भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके।