लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदेश सरकार के मंत्रियों और उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस तथा विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मंत्रियों ने राहुल गांधी की रैली, विपक्ष के बयानों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश में राष्ट्रविरोधी ताकतें लगी हुई हैं, कुछ ताकतें पर्दे के पीछे रहकर साजिश रच रही हैं और विपक्ष के नेताओं की ओर से बांग्लादेश जैसी घटनाओं को लेकर बयान दिया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत में सभी लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सभी लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। भारत का लोकतंत्र मजबूत है और ऐसी ताकतें अपने मंसूबों में सफल नहीं होंगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि देश की जनता अलोकतांत्रिक हथकंडों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की आदत बन गई है। पाठक ने कहा कि सरकार डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के तहत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रही है।
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 25 अक्टूबर को पटना में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया था।
यूपी सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इंडी गठबंधन ने राहुल गांधी को लॉन्च करने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन सभी नाकाम रही हैं। कल का कार्यक्रम और आज का आयोजन, दोनों ही लोकतंत्र और संविधान का मज़ाक हैं।
वहीं, यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विपक्षी इंडी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हुए एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे रहते हैं। कश्यप ने दिल्ली में हाल ही में आयोजित रैलियों पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि इन रैलियों से आम लोगों को परेशानी हुई, अव्यवस्था फैली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उनके पिता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें व्यापारियों और आम जनता की वास्तव में चिंता होती, तो वे त्योहारों के मौसम में रैली का आयोजन नहीं करते। त्योहारों के दौरान रैली आयोजित होने से व्यापारियों के कारोबार और उनकी आजीविका पर असर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को आम जनता और व्यापारियों के हितों की बजाय केवल अपने निजी राजनीतिक हितों की चिंता है।

















