भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा ने विपक्षी 'इंडी' गठबंधन और कांग्रेस द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) व चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू किए गए तथाकथित 'जन महाभियोग' (पब्लिक इंपीचमेंट) अभियान पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शर्मा ने विपक्ष के इस कदम को कोरी नौटंकी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला मजाक करार दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा गिराने का यह प्रयास विपक्ष की चुनावी हताशा का परिणाम है, क्योंकि कांग्रेस और उसके सहयोगी अब यह अच्छी तरह जान चुके हैं कि जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है।
'बाबा साहेब के संविधान का उपहास उड़ाना बंद करे कांग्रेस'
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का उपहास उड़ाना तत्काल बंद करना चाहिए। उन्होंने स्मरण कराया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान के तहत देश में निर्वाचन की एक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुदृढ़ प्रक्रिया तय है। संविधान के तहत चुनी गई लोकसभा और राज्यसभा ही देश की सर्वोच्च विधायी संस्थाएं हैं, जहां जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि राष्ट्र के भविष्य, नीति और दीर्घकालिक योजनाओं का निर्धारण करते हैं। जनता के फैसले को नकारते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर सड़क छाप हथकंडे अपनाना पूरी तरह असंवैधानिक है।
'हताशा में बहरूपिया ड्रामा, न सत्ता में आएंगे न मंत्री बन पाएंगे'
विपक्षी गठबंधन के रुख पर कड़ा तंज कसते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस और उनके साथी यह भली-भांति भांप चुके हैं कि वे अब लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतकर सत्ता में कभी वापस नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कोई भी नेता अब न तो गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, रेल मंत्री या सूचना प्रसारण मंत्री बन पाएगा और न ही लोकसभा अध्यक्ष या उपराष्ट्रपति जैसे गरिमामय संवैधानिक पदों तक पहुंच सकेगा। इसी घोर निराशा और सत्ता से दूर रहने की छटपटाहट के कारण विपक्षी दल अब बहरूपियों जैसा स्वांग रचकर जनता का ध्यान भटकाने में जुटे हैं।
55 साल तक देश को संकट में झोंका, अब जनता सब जानती है
शर्मा ने आगे कहा कि देश की जनता अब विपक्ष के भ्रामक प्रचार और ड्रामेबाजी को पूरी तरह पहचान चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश ने 50-55 वर्षों तक कांग्रेस के शासनकाल का वह दौर झेला है, जिसमें राष्ट्र को भारी नुकसान और संकटों का सामना करना पड़ा। अब देश की जनता जागरूक है और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या भ्रम फैलाने की साजिश में नहीं आने वाली। शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर महाभियोग का ढोंग करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला, क्योंकि बाबा साहेब के संविधान के तहत नीतिगत और प्रशासनिक निर्णय लेने का अधिकार केवल जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों के सदन के पास है।













