नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा का उम्मीदवार घोषित किए जाने के एक दिन बाद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से गुरुवार को पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं, राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने पुरी के नामांकन पर उन्हें बधाई देते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय के प्रति विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुरुगन से मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "मेरे मित्र और पार्टी के साथी कार्यकर्ता तिरु एल. मुरुगन जी आज मुझसे मिलने आए और मध्य प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में मेरे नामांकन पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।"

पुरी ने आगे कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और आत्मनिर्भर विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए मुरुगन के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भाजपा ने एक दिन पहले मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए हरदीप सिंह पुरी के नाम की घोषणा की थी। इससे पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए घोषित भाजपा उम्मीदवारों की सूची में पुरी का नाम शामिल नहीं था।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 तक था। मुरुगन अब तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने का स्वागत करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री पुरी को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है और उनका स्वागत किया जाना चाहिए।

अग्रवाल ने कहा, "ये लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी रूप से प्रत्याशी बनाए गए हैं। कांग्रेस को क्या आपत्ति है? न कोई तथ्य, न कोई सत्य और न किसी प्रकार का कोई तर्क। केवल विरोध करना, क्योंकि वे सिख हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पुरी के सिख समुदाय से होने के कारण उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रही है और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि यह रवैया असहनीय, आपत्तिजनक, अलोकतांत्रिक और गैरकानूनी है।

भाजपा सांसद ने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि पुरी कानून और संविधान के तहत उम्मीदवार बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सिख समुदाय कांग्रेस को जवाब देगा।

74 वर्षीय हरदीप सिंह पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में एकमात्र सिख मंत्री हैं। वह इससे पहले उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। भाजपा उन्हें दो बार राज्यसभा भेज चुकी है। हालांकि, उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

इस महीने की शुरुआत में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की थी। पार्टी ने इस सूची में जातीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक अनुभव के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया था। सूची में दो महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई थी। हालांकि, इस सूची में हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं था। उनके अलावा केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा और राज्यसभा के अन्य मौजूदा सांसदों को भी उम्मीदवार नहीं बनाया गया था।

भाजपा के केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट भरने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित उपचुनाव के लिए पुरी के नाम को मंजूरी दी है।