पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की देवेंद्रनगर थाना पुलिस ने ग्रामीण वनांचलों से लग्जरी गाड़ियों में मवेशी चोरी करने वाले एक बेहद शातिर अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना प्रभारी अनिल राजपूत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मवेशी चोरी की तीन वारदातों का एक साथ खुलासा करते हुए सतना जिले से गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी सुनसान जंगलों और नर्सरी के आसपास चरने वाले पशुओं की पहले रेकी करते थे और फिर रात के सन्नाटे में स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों में मवेशियों को जबरन व क्रूरतापूर्वक ठूंसकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 2 स्कॉर्पियो कार, 1 मोटरसाइकिल, 4,700 रुपये नकद और चोरी गई 3 भैंसें बरामद कर ली हैं।
जंगल और नर्सरी क्षेत्र से सिलसिलेवार 9 मवेशियों की हुई थी चोरी
देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुटवाकला और आसपास के जंगलों में पशुपालकों के मवेशी लगातार गायब हो रहे थे, जिसको लेकर थाने में तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई थीं:
- मुटवाकला जंगल की घटना: ग्राम मुटवाकला निवासी मानसिंह यादव ने 27 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात करीब डेढ़ बजे जब वह जंगल में चरने के लिए छोड़ी गई अपनी भैंसों को देखने पहुंचे, तो उनकी तीन भैंसें मौके से गायब थीं।
- बसई मोड़-मुटवाकला रोड नर्सरी: ग्राम बरचुआ निवासी कमल सिंह यादव ने 19 सितंबर को दर्ज कराया कि मुटवाकला जंगल स्थित नर्सरी के पास से उनकी तीन भैंसें अज्ञात चोर चुरा ले गए।
- मुटवाकला नर्सरी से तीसरी वारदात: मुटवाकला निवासी तिलक सिंह यादव की एक भैंस और एक पड़िया 14 सितंबर की रात नर्सरी क्षेत्र से चोरी हो गई थी।
इन तीनों वारदातों में कुल 9 मवेशी (भैंसें व पड़िया) चोरी हुए थे, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 72 हजार रुपये आंकी गई थी।
सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की रूट मैपिंग से मिला सुराग
ग्रामीण अंचल में एक के बाद एक हो रही मवेशी चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक ने त्वरित खुलासे के निर्देश दिए। देवेंद्रनगर थाना प्रभारी अनिल सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल गठित किया गया और पन्ना साइबर सेल को तकनीकी सहयोग में लगाया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल और मार्गों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के तकनीकी विश्लेषण और रूट मैपिंग से संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ियों की आवाजाही सतना जिले की ओर पाई गई। इसके बाद मुखबिर तंत्र और साइबर इनपुट्स के आधार पर सतना में दबिश देकर चार आरोपियों को धर दबोचा गया।
सतना के रहने वाले हैं चारों आरोपी, ये हुए गिरफ्तार
पुलिस गिरफ्त में आए सभी चारों आरोपी जिला सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के निवासी हैं:
- जाफर अली उर्फ जफर (27 वर्ष) पिता जाहिद अली, निवासी गली नंबर 01, खूथी, वार्ड नंबर 27, सतना।
- सीबू कुरैशी उर्फ सान मोहम्मद (30 वर्ष) पिता लल्लू कुरैशी उर्फ गुलाम मोहम्मद, निवासी गली नंबर 01, खूथी, वार्ड नंबर 27, सतना।
- महबूब खान उर्फ चोखे (34 वर्ष) पिता मुन्ना खान, निवासी गली नंबर 02, जवाहरनगर, खूथी, वार्ड नंबर 27, सतना।
- साहिल मंसूरी (मंत्री) (27 वर्ष) पिता आजिम मंसूरी, निवासी मुन्ना डेयरी के पास, मस्जिद के पीछे, खूथी, सतना।
लग्जरी गाड़ियों में क्रूरतापूर्वक ठूंसकर ले जाते थे मवेशी
पूछताछ में आरोपियों ने मवेशी चोरी का जो तरीका बताया वह बेहद चौंकाने वाला था। गिरोह के सदस्य दिन में मोटरसाइकिल से ग्रामीण क्षेत्रों, जंगलों और नर्सरी की रेकी करते थे, जहां पशुपालक अपने मवेशियों को चरने छोड़ देते थे। रात होते ही आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ियों से पहुंचते और सुनसान जगह देखकर भारी-भरकम भैंसों को जबरदस्ती और निर्दयतापूर्वक वाहनों के भीतर ठूंस लेते थे। इसके बाद तेज रफ्तार से भाग निकलते थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त 2 स्कॉर्पियो, 1 बाइक, ₹4,700 नकद और 3 भैंसें बरामद की हैं।
पुलिस टीम की उल्लेखनीय भूमिका
मवेशी चोर गिरोह को बेनकाब करने में देवेंद्रनगर थाना प्रभारी उनि. अनिल सिंह राजपूत, सउनि सज्जन प्रजापति, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण यादव, सतेन्द्र बागरी, आनंद बागरी, राजीव मिश्रा सहित आरक्षक बृजेंद्र रैकवार, रोहित शिवहरे, राकेश पटेल, मृगेंद्र तिवारी, पवन तिवारी, अमित बागरी, अंकित त्रिपाठी और पन्ना साइबर सेल टीम के सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।













