पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण व संवेदनशील पहल शुरू की है। जिले के नवागत कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देशन में जिला परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के साझा समन्वय से यात्री बस चालकों के लिए विशेष नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। पन्ना शहर के मुख्य बस स्टैंड पर लगाए गए इस शिविर में करीब 70 बस चालकों की आंखों की बारीकी से जांच की गई। परीक्षण के दौरान जिन वाहन चालकों की दृष्टि कमजोर पाई गई या जो आंखों की गंभीर समस्याओं से ग्रसित मिले, उन्हें विशेषज्ञों द्वारा चश्मा लगाने और समुचित चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी गई।
बस चालकों की दृष्टि क्षमता का परीक्षण, सुरक्षित सफर पहली प्राथमिकता
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की जान की सुरक्षा पूरी तरह से बस चालकों पर निर्भर करती है। लंबे रूटों और रात्रि में चलने वाले वाहनों के चालकों को अक्सर दृष्टि दोष, मोतियाबिंद या धुंधलेपन की समस्या से जूझना पड़ता है, जो कई बार गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनता है। इसी जोखिम को न्यूनतम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से चालकों की दृष्टि क्षमता (आई साइट), कलर ब्लाइंडनेस और रिफ्रैक्शन की जांच की।
आरटीओ सुनील शुक्ला बोले: निरंतर जारी रहेगा परीक्षण का सिलसिला
जिला परिवहन अधिकारी (आरटीओ) सुनील शुक्ला ने शिविर की जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर हर्ष सिंह की मंशा के अनुरूप सड़कों को सुरक्षित बनाने और चालकों को स्वस्थ रखने के लिए यह विशेष अभियान छेड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि चालकों के स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण का यह सिलसिला आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। इसी कड़ी में शनिवार को जेके सीमेंट कंपनी परिसर में एक और शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारी वाहन (ट्रक और डंपर) चलाने वाले चालकों की आंखों की जांच की जाएगी।
चालकों को दी गई नियमित जांच और उपचार की समझाइश
शिविर के दौरान परिवहन विभाग और चिकित्सकों की टीम ने उपस्थित चालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ अपनी आंखों और समग्र स्वास्थ्य का नियमित ख्याल रखने की समझाइश दी। डॉक्टरों ने चालकों को निर्देशित किया कि वे दृष्टि में किसी भी प्रकार का बदलाव महसूस होने पर तुरंत योग्य नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें, ताकि स्वयं की और सड़क पर चलने वाले अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।













