भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से अंधविश्वास और शातिर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। साकेत नगर इलाके में रहने वाले एक परिवार को उनके बेटे को वापस घर लाने और घर में शांति कराने का झांसा देकर तांत्रिक भाई-बहन ने करीब 1 करोड़ रुपये की चपत लगा दी। आरोपियों ने तंत्र-मंत्र के नाम पर महिला से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, नकदी के साथ-साथ 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के कीमती जेवर भी हड़प लिए। शिकायत मिलने पर भोपाल क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव के खिलाफ धोखाधड़ी व षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


गृहशांति और बेटे को वापस लाने का झांसा

मामले की शुरुआत साकेत नगर निवासी पुरुषोत्तम शर्मा और उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा से जुड़ी है: पुरुषोत्तम शर्मा (57) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, उनकी पत्नी राजेश्वरी (55) की पहचान मोहल्ले की परिचित गौरी सिंह के जरिए आशा यादव से हुई थी। उस समय शर्मा दंपती का बेटा परिवार से अपने घर से अलग रह रहा था। मां चाहती थी कि बेटा वापस लौटकर साथ रहे। इसी बात का फायदा उठाते हुए आशा ने दावा किया कि उसका भाई मुकेश यादव तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ से गृहशांति कर सकता है और सब ठीक कर देगा। बेटे के घर लौटने की उम्मीद में राजेश्वरी का आशा के घर आना-जाना शुरू हो गया। 25 मई 2025 से आरोपियों ने पूजा-पाठ और अनुष्ठान के नाम पर रुपये ऐंठने का सिलसिला शुरू कर दिया।


इस तरह हड़पा करोड़ों का खजाना

जांच में सामने आया है कि शातिर आरोपियों ने अलग-अलग माध्यमों से परिवार की गाढ़ी कमाई और जेवर समेट लिए: पीड़िता ने फोन-पे (PhonePe) के जरिए अलग-अलग किस्तों में करीब ₹7,16,000 ट्रांसफर किए, जबकि लगभग ₹12,54,000 नकद दिए गए। तंत्र-मंत्र के नाम पर आरोपियों ने घर में रखे कुल 625 ग्राम सोने और 500 ग्राम चांदी के भारी-भरकम आभूषण भी अपने कब्जे में ले लिए।


एक ज्वेलर के फोन कॉल से खुला राज़

इस सनसनीखेज ठगी का पर्दाफाश 29 सितंबर को तब हुआ जब बिट्टन मार्केट के एक ज्वेलर ने पुरुषोत्तम शर्मा को फोन किया: ज्वेलर ने बताया कि आरोपी आशा ने उनकी दुकान से करीब 17 लाख रुपये का सोना खरीदा था, जिसमें से 5 लाख रुपये नकद देने के बाद बाकी रकम के लिए दिया गया चेक बाउंस हो गया है। जब पति ने अपनी पत्नी से इस बारे में सख्ती से पूछताछ की, तो तांत्रिकों द्वारा किए गए इस बड़े फर्जीवाड़े और ठगी का पूरा सच सामने आया।


पुलिस कार्रवाई और बरामदगी

परिजनों द्वारा मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है: पुलिस को जांच के दौरान 8 चेक, 6 एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे गए हैं। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच में मुख्य आरोपी आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की संलिप्तता पुख्ता होने पर केस दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है तथा ठगे गए जेवरों को कहां ठिकाने लगाया गया है।