पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय पशुपालकों की आय में इजाफा करने के उद्देश्य से पन्ना के जनप्रतिनिधियों ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पन्ना जिले में गुजरात के प्रसिद्ध बनासकांठा (बनास) डेयरी मॉडल की तर्ज पर एक विशाल डेयरी प्लांट स्थापित करने का विस्तृत प्रस्ताव रखा गया।


बनासकांठा डेयरी मॉडल की तर्ज पर विकास की मांग

गुजरात की 'बनास डेयरी' ने सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी है: जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पन्ना जिले में कृषि और पशुपालन की अपार संभावनाएं हैं। यदि जिले में वृहद स्तर का डेयरी प्लांट स्थापित होता है, तो स्थानीय पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य और बेहतर विपणन (Marketing) व्यवस्था मिल सकेगी। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से हजारों ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और महिला स्व-सहायता समूह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।


भगवान श्री जुगल किशोर जी का स्वरूप भेंट, पन्ना आने का दिया निमंत्रण

मुलाकात के दौरान पन्ना की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की झलक भी देखने को मिली: पन्ना के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह को पन्ना के आराध्य भगवान श्री जुगल किशोर जी का पवित्र स्वरूप (प्रतिमा) ससम्मान भेंट किया। जनप्रतिनिधियों ने अमित शाह को पन्ना की पावन धरा पर पधारने का भावभीना निमंत्रण दिया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द ही पन्ना आने का आश्वासन दिया। अब देखना होगा कि पन्ना में दुग्ध क्रांति लाने के लिए बनास मॉडल पर आधारित इस प्रस्तावित डेयरी प्लांट को केंद्र और राज्य सरकार से कितनी जल्दी प्रशासनिक स्वीकृति मिलती है।