छतरपुर। आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर आम जनता को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीना के सख्त निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग और राजस्व महकमा लगातार संयुक्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में लवकुशनगर कस्बे में एसडीएम आयुष जैन के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। टीम की इस अचानक छापेमारी से बाजार के मिलावटखोरों और अमानक सामग्री बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त दल ने नगर के बब्बी स्वीट्स और कृष्ण स्वीट्स सहित अन्य दुकानों पर सघन जांच-पड़ताल की। बब्बी स्वीट्स से मौके पर दही और मावे के नमूने (सैंपल) एकत्रित किए गए, जबकि दुकान में पाया गया दूषित व खराब छेना और बासी मिठाइयां तुरंत मौके पर ही फिंकवाकर नष्ट करा दी गईं। वहीं, कृष्ण स्वीट्स पर की गई जांच में टीम ने मावे का नमूना सील किया और दुकान में काफी समय से रखा पुराना दूषित शक्कर का शीरा तथा करीब 4 किलोग्राम बासी मिठाइयों को मौके पर ही विनष्ट कराया। लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
जांच दल ने सभी हलवाइयों और व्यापारियों को प्रतिष्ठान में उच्च स्तरीय स्वच्छता बनाए रखने, मक्खी-धूल से बचाने के लिए खाद्य पदार्थों को जालीदार शो-केस में ढककर रखने तथा केवल शुद्ध सामग्री का उपयोग करने के कड़े निर्देश दिए। इसके अलावा दुकानों के खाद्य पंजीयन, लाइसेंस और अन्य वैध दस्तावेजों का भी सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि त्योहारी सीजन में नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावट, कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल और अमानक सामग्री की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने के लिए यह अभियान जिलेभर में लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान एसडीएम आयुष जैन, तहसीलदार सुप्रिया बागरी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.के. तिवारी सहित राजस्व और पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
















