रांची/लखनऊ, 6 नवंबर । झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर अब झामुमो और समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने अंसारी के बयान को चेतावनी बताया, जबकि समाजवादी पार्टी ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सत्ता परिवर्तन सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से ही हो सकता है। रांची में जेएमएम नेता मनोज पांडे ने इरफान अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आईएएनएस से कहा, "आज के युवा सड़कों पर हैं और व्यापक जनाक्रोश है। आप इससे इनकार नहीं कर सकते। सीजेपी के नेतृत्व वाले जेन-जी आंदोलन के दौरान लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे। इससे पता चलता है कि जनाक्रोश का स्तर कितना बढ़ गया है।"
उन्होंने कहा, "इरफान अंसारी ने जो कुछ भी कहा, लोगों को उसके पीछे का संदेश समझने की कोशिश करनी चाहिए। उनका बयान आने वाले संभावित संकट और चुनौतियों के बारे में एक चेतावनी थी। वह नेपाल और बांग्लादेश की स्थितियों को उदाहरण के तौर पर बताते हुए बढ़ते जनाक्रोश की ओर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे थे।"
मनोज पांडे ने आगे कहा, "इरफान अंसारी ने तो आपको आगाह करने का काम किया है। ये संकट की स्थिति आने वाली है, उसको लेकर आगाह किया है।"
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इरफान अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये सवाल ऐसे मंत्रियों और राहुल गांधी से पूछे जाने चाहिए। एक बात साफ है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सत्ता परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक तरीकों से ही हो सकता है। समाजवादी पार्टी इस प्रक्रिया में विश्वास करती है।"
बता दें कि इरफान अंसारी ने कहा था कि युवाओं, किसानों और अल्पसंख्यकों सहित कई समूहों में केंद्र सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर प्रधानमंत्री इन चिंताओं का समाधान नहीं करते हैं, तो भारत को बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने दावा किया था कि करीब 40 लाख युवा फिलहाल आंदोलन कर रहे हैं या कार्रवाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे का इंतजार कर रहे हैं, जिनके बारे में अंसारी ने कहा था कि वे इन युवाओं को रोके हुए हैं।

















