सागर, स्वाति सोलंकी : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मंगलवार देर रात सनातन हिन्दू एकता रथ यात्रा के साथ सागर पहुंचे। रहली पहुंचने पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान महाराज ने नशे के दुष्परिणामों पर गंभीर चिंता जताते हुए शराबबंदी की पुरजोर वकालत की।
रहली में आयोजित सभा और दरबार के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शराब पूरी तरह बंद होनी चाहिए। बंडा में 32 लोगों की अकाल मौत का हवाला देते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि "नशा नाश की जड़ है।" उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जीवन को बेहतर और सार्थक बनाने के लिए नशे से दूर रहना चाहिए और यदि कोई जाम पीना ही है, तो वह भगवान का नाम पीकर देखें, जिससे पूरी जिंदगी संवर जाएगी।
युवाओं को अपनी बात रखने का है अधिकार
मीडिया द्वारा दिल्ली में चल रहे CJP के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर महाराज ने कहा कि देश में हर तरह के युवा होते हैं और युवाओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि देश की छवि को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, उन्होंने अपने संबोधन में हिन्दू बच्चियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे 'दुर्गा' और 'काली' बनें।
दमोह से सागर तक निकाली गई रथयात्रा
उल्लेखनीय है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता एवं गौ सम्मान रथयात्रा दमोह से शुरू होकर गढ़ाकोटा, रहली और ढाना होते हुए सागर पहुंची। देर रात बालाजी मंदिर में दिव्य दरबार का आयोजन किया गया, जहां महाराज के दर्शन और आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।














