भोपाल, जीतेन्द्र यादव। महिला अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस से उतरने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरीं।
आरपीएफ जवान बने देवदूत
घटना के समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के आरक्षक मधुसूदन यादव ने बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मामूली चोटों के साथ बची जान
जवान की सूझबूझ और तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में मां और बेटी को केवल मामूली चोटें आई हैं, जिससे एक बड़ा जीवन संकट टल गया।














