अयोध्या। दशहरा को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए अयोध्या पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में परंपरागत रूप से स्थापित की जाने वाली कुल 2,232 दुर्गा प्रतिमाओं में से लगभग 70 प्रतिशत की स्थापना हो चुकी है। शेष प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर पुलिस अधिकारी लगातार आयोजकों और समितियों के संपर्क में हैं।एसएसपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आम नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि सभी कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हों और लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए पुलिस अधिकारी आयोजकों और समितियों के साथ मिलकर विसर्जन मार्गों और विसर्जन स्थलों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना है। आने वाले दिनों में जिन स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना होनी है, वहां के आयोजकों से भी संपर्क बनाए रखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और आयोजन समितियों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एसएसपी ने बताया कि दुर्गा पूजा के साथ रामलीला मंचन, दशहरा, रावण दहन और भरत मिलाप जैसे आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक तैयारी की गई है। सभी प्रमुख आयोजनों पर कंट्रोल रूम के माध्यम से नजर रखी जा रही है। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस आयोजकों के साथ मिलकर कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रही है, ताकि सभी आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। सुरक्षा के साथ-साथ यातायात प्रबंधन और आम लोगों की आवाजाही को सुगम बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

गौरव ग्रोवर ने आगे बताया कि पुलिस का मीडिया सेल 24 घंटे सक्रिय है और सोशल मीडिया पर प्रकाशित होने वाली पोस्टों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाने या अराजकता पैदा करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की प्राथमिकता त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।