नई दिल्ली। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद मंगलवार को भारत पहुंचीं, जो द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर उच्चस्तरीय जुड़ाव और सकारात्मक गति को दर्शाता है।विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद का भारत दौरे पर हार्दिक स्वागत। जून 2025 के बाद मंत्री आनंद की यह तीसरी भारत यात्रा है, जो भारत-कनाडा संबंधों में निरंतर उच्च-स्तरीय जुड़ाव और सकारात्मक गति को दर्शाती है।"
मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा दोनों पक्षों को हाल की प्रगति को आगे बढ़ाने और हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने भी मंगलवार शाम भारतीय समयानुसार टेलीफोन पर बातचीत की और भारत-कनाडा संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणामों की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।
फोन कॉल के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ गर्मजोशी भरी और सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-कनाडा संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणामों की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।" उन्होंने कहा, "साथ मिलकर भारत और कनाडा एक अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया में योगदान दे रहे हैं।"
दिन में इससे पहले भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने प्रधानमंत्री मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष के बीच केमिस्ट्री को शानदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध कभी भी इतने अच्छे नहीं रहे जितने अभी हैं।
आईएएनएस के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कूटर ने दोनों देशों के नेतृत्व के बीच हाल की बैठकों के बारे में बात की, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और आनंद के बीच हुई बैठकें भी शामिल हैं। उन्होंने कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू की आगामी यात्रा के बारे में भी बात की।
कनाडाई उच्चायुक्त ने आईएएनएस से कहा, "मुझे लगता है कि यह कहना उचित होगा कि हमारे संबंध कभी इतने अच्छे नहीं रहे जितने अभी हैं। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच केमिस्ट्री शानदार है। वे एक साल से कुछ अधिक समय में चार बार मिल चुके हैं। अधिकारी भी नियमित रूप से मिल रहे हैं। हाल ही में हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अपने भारतीय समकक्ष के साथ चर्चा के लिए यहां आए थे और हमारी विदेश मंत्री यहां आ रही हैं। पिछले एक साल में भारत के विदेश मंत्री के साथ यह उनकी 10वीं बैठक होगी।"











