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मध्य प्रदेशभोपालऐतिहासिक क्रिकेट महाकुंभ: मुख्यमंत्री ने किया 100 घंटे के निरंतर दिव्यांग टी-20 टूर्नामेंट का आगाज

ऐतिहासिक क्रिकेट महाकुंभ: मुख्यमंत्री ने किया 100 घंटे के निरंतर दिव्यांग टी-20 टूर्नामेंट का आगाज

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22 फ़रवरी 2026, 09:22 am IST
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भोपाल। राजधानी के नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में शुक्रवार को एक अभूतपूर्व खेल इतिहास रचने की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 - नॉट आउट @100' का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन को क्रिकेट के क्षेत्र में एक अभिनव और साहसिक पहल बताते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट दिव्यांगजनों के अटूट आत्मबल और चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह आयोजन वर्ल्ड रिकॉर्ड के मानकों पर आधारित है, जहाँ खिलाड़ी बिना रुके पांच दिनों तक निरंतर क्रिकेट खेलेंगे।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि 24 घंटे लगातार और कुल 100 घंटे तक बिना रुके चलने वाला यह टूर्नामेंट अपने आप में एक अनूठा प्रयोग है। उन्होंने खेल की निरंतरता पर जोर देते हुए कहा कि मैचों का यह सिलसिला समय के साथ लगातार चलता रहेगा, जो इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को दिव्यांगजनों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच देने का सशक्त माध्यम बताया और कहा कि यह समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि देश आज एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है और यह खेल महोत्सव उसी दूरगामी सोच का साकार रूप है।


गौरतलब है कि इस महाआयोजन में 8 राज्यों की 6 दिव्यांग टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनके बीच कुल 25 टी-20 मुकाबले दिन-रात लगातार खेले जाएंगे। आयोजन की भव्यता और विशिष्टता को देखते हुए इसे गिनीज बुक, एशिया बुक और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आधिकारिक आवेदन किया गया है। आयोजकों का दावा है कि विश्व में अब तक किसी भी खेल प्रतियोगिता का आयोजन लगातार 100 घंटे तक नहीं हुआ है, जिससे भोपाल इस ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। टूर्नामेंट का समापन 26 तारीख को शाम 4 बजे होगा।


कार्यक्रम के संयोजक राघवेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि यह महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने का एक अभियान है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'विकलांग' के स्थान पर 'दिव्यांग' शब्द के प्रयोग ने इन खिलाड़ियों को एक नई और सम्मानजनक पहचान दी है। यह आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे और ठाकुर अपारबल सिंह जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन मूल्यों से प्रेरित है, जिन्होंने सदैव वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया। टास्क इंटरनेशनल संस्था द्वारा आयोजित इस महोत्सव में लगभग 600 खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर यह संदेश देंगे कि वे अक्षम नहीं बल्कि विशिष्ट क्षमताओं से संपन्न हैं।

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