ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र में पुलिस स्टेशन के ठीक सामने आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने एक ढाबा संचालक पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। थाने की चौखट के पास दिनदहाड़े हुई इस ताबड़तोड़ गोलीबारी से इलाके में भगदड़ और भारी दहशत फैल गई। हमले में ढाबा कारोबारी अशोक पाल को गोली लगने से वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े, जिसके बाद हमलावर असलहे लहराते हुए फरार हो गए।


गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हुए अशोक पाल को आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से आनन-फानन में नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है। गोलीबारी की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर थाने से बाहर निकली पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन तब तक आरोपी मौके से भागने में सफल हो चुके थे।


भांजे पर शक और पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

प्राथमिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस जानलेवा हमले के पीछे पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों के परिवार की एक लड़की कुछ दिन पूर्व घर से कहीं चली गई थी। इस मामले में आरोपी पक्ष कारोबारी अशोक पाल के भांजे पर शक कर रहा था और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई भनक तक नहीं थी, लेकिन रंजिश के चलते दिनेश यादव, छोटू यादव और उनके करीब आधा दर्जन साथियों ने कारोबारी को सीधे निशाना बनाकर गोलियां दाग दीं।


पुलिस एक्शन मोड में, संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश

थाने के ठीक सामने हुई इस खूनी वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पड़ाव थाना पुलिस ने मौके का मुआयना कर घटनास्थल से खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयानों और नामजद आरोपों के आधार पर दिनेश यादव, छोटू यादव समेत सभी आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें शहर और सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी कर संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, ताकि हमलावरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।