फ्रांस (अरियाज)। भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर विश्व अहिंसा दिवस का भव्य आयोजन फ्रांस के अरियाज राज्य के वेंतनात शहर में किया गया। यह आयोजन लगातार 18वें वर्ष श्री मतंगेश्वर सेवा समिति, खजुराहो एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के संयोजन में संपन्न हुआ।


समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, प्रवासी भारतीयों तथा भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था रखने वाले लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, राष्ट्रसेवा और "जय जवान, जय किसान" के अमर मंत्र को जन-जन तक पहुँचाना रहा।


अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में पंडित सुधीर शर्मा ने लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रसिद्ध नारे "जय जवान, जय किसान" की वर्तमान समय में प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और अन्नदाता किसानों का सम्मान ही एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है।


इस अवसर पर इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता ने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए ऐतिहासिक योगदान, उनके संघर्ष, सत्य, अहिंसा एवं सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचार आज भी विश्व शांति और मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं।


कार्यक्रम की एक विशेष आकर्षण "वंदे मातरम्" के गायन के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित संगीतमय प्रस्तुति रही। इस्कॉन की हरी संघ कीर्तन मंडली (गोंदिया ग्रुप) ने सामूहिक रूप से "वंदे मातरम्" का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही महात्मा गांधी की प्रिय भक्ति रचना "रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम" का सामूहिक गायन कर पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिकता और श्रद्धा से ओत-प्रोत कर दिया।


कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति, सद्भाव, प्रेम और अहिंसा के संदेश के साथ उपस्थित सभी लोगों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।