काकामिगहारा। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में मलेशिया के खिलाफ 5-1 से जीत दर्ज करते हुए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ भारत ने एलए 2028 ओलंपिक का टिकट भी अपने नाम कर लिया।
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने दबदबा बनाए रखा। 11वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, 14वें मिनट में मलेशिया के शैली सिल्वरियस ने फील्ड गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
23वें मिनट में जुगराज सिंह ने एक बेहतरीन पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए बढ़त को 2-1 कर दिया। हाफ टाइम के बाद 42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनाल्टी स्ट्रोक को शानदार तरीके से गोल में तब्दील किया। इसके बाद 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने एक फील्ड गोल दागा और अंततः 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने अपना दूसरा गोल पेनाल्टी कॉर्नर से करते हुए मलेशिया की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया।
यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है। भारतीय टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया। इससे पहले हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2022 का गोल्ड भी अपने नाम किया था। यह एशियन गेम्स के अलग-अलग संस्करणों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का कुल 5वां गोल्ड मेडल है। देश ने साल 1966, 1998, 2014, 2022 और 2026 में यह खिताब जीता है।
एशियन गेम्स में पहली बार पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है। भारतीय महिला हॉकी टीम इंडिया ने शुक्रवार को खेले गए फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। साल 1982 के बाद पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीती।
एशियन गेम्स में कबड्डी और क्रिकेट के बाद, यह केवल तीसरी भारतीय टीम है जिसने 'डबल गोल्ड' (पुरुष और महिला दोनों टीमों का गोल्ड जीतना) हासिल किया है।












