नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, घंटों बैठकर काम करना और गलत खानपान की वजह से शरीर में अकड़न, मोटापा और तनाव आम हो गया है। ऐसे में योग ऐसा उपाय है, जो शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। योग के कई आसनों में से एक है हस्तोत्तानासन। इसे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाने और शरीर को ऊर्जा देने के लिए किया जाता है।
हस्तोत्तानासन में 'हस्त' का अर्थ है हाथ और 'उत्तान' का अर्थ है ऊपर की ओर खिंचाव। यह महत्वपूर्ण योग मुद्रा है, जिसका अर्थ है हाथों को ऊपर की ओर तानना। यह सूर्य नमस्कार की श्रृंखला का दूसरा और ग्यारहवां चरण है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी 'हस्तोत्तानासन' के महत्व पर प्रकाश डाला है। यह आसन शरीर में लचीलापन लाने, रक्त संचार बढ़ाने और थकान कम करने वाला एक उत्कृष्ट योगासन है। इस योगासन के करने से शरीर पीछे की ओर झुकता है जिससे रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और कमर दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
इसे रोज सुबह करने से न सिर्फ शरीर लचीला बनता है बल्कि लंबाई बढ़ने, वजन घटने और थकान दूर करने में भी बहुत मदद मिलती है। जब हम घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं तो शरीर में खून का प्रवाह धीमा हो जाता है, जिससे सुस्ती और थकान महसूस होती है। हस्तोत्तानासन में जब हम हाथों को ऊपर की ओर खींचते हैं और गहरी सांस लेते हैं, तो फेफड़ों में ज्यादा ऑक्सीजन जाती है। इससे खून का संचार तेज होता है और पूरे शरीर में तुरंत ऊर्जा और स्फूर्ति आ जाती है। इसे करने से नींद और आलस भी दूर होता है।
यदि किसी भी व्यक्ति को पीठ या गर्दन में गंभीर दर्द या चोट हो, तो इस आसन को करने के दौरान अत्यधिक पीछे झुकने से बचें। चक्कर आने की समस्या या गंभीर हृदय रोग होने पर इस आसन को विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।
















