गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को कहा कि डिग्री हासिल करना केवल करियर बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने यह बात डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित केएन यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से केवल अच्छी नौकरी पाने या व्यवसाय स्थापित करने तक सीमित न रहने की अपील की। उन्होंने कहा, "युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, सफलता के साथ संवेदनशीलता और शक्ति के साथ जिम्मेदारी को भी अपनाना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्र को मजबूत बनाने और समाज की सेवा करने का माध्यम भी बननी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि 21वीं सदी में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन गई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के एक कथन का जिक्र करते हुए कहा, "विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में प्रश्न पाठ्यक्रम से पूछे जाते हैं, लेकिन जीवन की परीक्षा में सब कुछ 'आउट ऑफ सिलेबस' होता है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां शैक्षणिक प्रगति अंकों और ग्रेड से मापी जाती है, वहीं जीवन में सफलता लगातार मेहनत और धैर्य पर निर्भर करती है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश और लोगों के लिए निरंतर कार्य किया है। इससे सीख लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "कड़ी मेहनत आपको थकाती नहीं है, बल्कि मेहनत से मिलने वाला संतोष ही सबसे बड़ा पुरस्कार होता है।"

सीएम भूपेंद्र पटेल ने विश्वास जताया कि दीक्षांत समारोह में शामिल कई छात्र भविष्य में अपने स्टार्टअप और कारोबार शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप, विज्ञान और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं ने युवाओं को उद्यमी बनने के नए अवसर प्रदान किए हैं।

राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास गुजरात के विकास के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे हैं।

उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उच्च शिक्षा पर दिए गए जोर का परिणाम है कि के.एन. यूनिवर्सिटी जैसे निजी विश्वविद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में गुजरात में करीब 110 विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत की ज्ञान परंपरा, मातृभाषा और आधुनिक विज्ञान को समान महत्व देती है।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं।

भूपेंद्र पटेल ने युवाओं से प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के सपने को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 22 मेधावी छात्रों को कुल 22 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 9 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अलावा 94 छात्रों को विभिन्न विषयों में डिग्रियां प्रदान की गईं।