बीजिंग। 22 अक्टूबर की शाम को चीनी श्रमिक एवं किसान लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित टीवी गाला 'लॉन्ग मार्च के लिए एक स्तुति गान' का प्रसारण चाइना मीडिया ग्रुप के कई प्लेटफार्मों पर एक साथ किया गया, जिसने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी।
आइए इस भव्य समारोह के पर्दे के पीछे चलते हैं और मंच की व्यवस्था और निर्माण के पीछे के अनूठे डिजाइन का पता लगाते हैं।
इस समारोह में पुराने क्रांतिकारी गीतों का एक संग्रह प्रस्तुत किया गया, जिसे एक स्तरित और प्रगतिशील तरीके से पेश किया गया। इसके अतिरिक्त, 'लाल सेना आयी है' और 'ग्रासलैंड डायरी' जैसे कार्यक्रम एक ऐसी प्रदर्शन शैली अपनाते हैं जो कई आयामों और स्थलों पर नाटक के साथ गीत और नृत्य को एकीकृत करती है, टेलीविजन समारोह में फिल्म संगीत को लाने का प्रयास करती है, संगीत को कथा का मुख्य सूत्र बनाती है, पात्रों के भाग्य और इतिहास के उतार-चढ़ाव का अनुसरण करती है, और दर्शकों को नाटक में खींचती है।
समारोह के मंच पर, एआई तकनीक ने समय और स्थान के बीच एक सेतु का निर्माण किया, जिससे लॉन्ग मार्च के ऐतिहासिक क्षणों को फिर से जीवंत किया गया। 'प्रकाश की ओर' नामक कार्यक्रम में अभिनेता ली श्वेएच्येन लाल सेना के रसोइया दस्ते के नेता की भूमिका निभाते हैं, जो जलता हुआ एक तेल का दीपक लिए अंधेरे से प्रकाश की ओर चल रहे हैं।
दरअसल, बीमारी के कारण ली श्वेएच्येन की सुनने और बोलने की क्षमता प्रभावित हुई है। रिहर्सल के दौरान, निर्देशन टीम ने उनसे पूरी तरह से टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से संवाद किया।
कार्यक्रम में प्रसारित ली श्वेएच्येन की आवाज में कथन सीएमजी की एआई डिजिटल तकनीक का उपयोग करके तैयार किया गया था और कई दौर की डीबगिंग के बाद अंततः इसे पूरा किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)















