देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदना इलाके में पिछले कुछ दिनों में कई लोगों की मौत के बाद विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं। शोक संतप्त परिवार शराब के सेवन को मौत का कारण बता रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने मौतों के लिए अन्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया है।

मध्य प्रदेश में विपक्षी दल इस घटना की जांच की मांग कर रहे हैं।

आईएएनएस से बात करते हुए कुछ मृतकों के परिवार के सदस्यों ने बताया कि बीमार पड़ने से पहले पीड़ितों ने शराब का सेवन किया था। हालांकि, ये आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं, और प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने की बात से इनकार किया है।

एक मृतक के परिवार के सदस्य ने बताया कि राहुल, दीपक और प्रकाश ने अपने कार्यस्थल पर बीमार पड़ने से पहले शराब का सेवन किया था। परिवार के सदस्य ने आईएएनएस को बताया कि शराब से जुड़ी एक घटना हुई है। राहुल, दीपक और प्रकाश ने शराब पी थी। शराब पीने के बाद वे घर नहीं लौटे। उन्हें अपने कार्यस्थल पर बेचैनी महसूस हुई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। तीनों की एक साथ मौत हुई।

रामचंद्र परमार के बेटे राहुल परमार की मृत्यु हो गई। रामचंद्र ने भी आरोप लगाया कि शराब पीने के बाद उनके बेटे की हालत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि शराब पीने के बाद उन्हें सीने में दर्द हुआ और चक्कर आने से वे गिर पड़े। फिर उनके मुंह से झाग निकलने लगा। जब प्रशासन आया, तो मैंने उन्हें बताया कि मेरे बेटे की मौत शराब के कारण हुई है।

राहुल की पत्नी कविता परमार ने कहा कि उनके पति ने अपनी मृत्यु से पहले शराब पी थी और उन्होंने गांव की शराब की दुकान बंद करने की मांग की। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि वे बहुत कम शराब पीते थे। उन्हें पहले कभी सीने में दर्द या उल्टी नहीं हुई थी, लेकिन इस बार हुई। यहां की शराब की दुकान बंद होनी चाहिए। जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए।

परिवार के एक अन्य सदस्य ने मृतकों में राहुल, दीपक, भीमा और ओम प्रकाश का नाम लिया और कहा कि उन्हें भी चक्कर आए थे।

परिवार द्वारा दिए गए बयान उनके आरोपों को दर्शाते हैं और मृत्यु के कारण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करते हैं।

देवास के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अभिषेक शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में चंदना क्षेत्र में लगभग 10 मौतें हुई हैं, लेकिन उन्होंने जहरीली शराब से किसी भी संबंध से इनकार किया।

शर्मा ने कहा कि किसी की भी मौत जहरीली शराब के कारण नहीं हुई। ये सभी मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं।

उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु की तीन महिलाओं और 65 वर्ष से अधिक आयु के दो पुरुषों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई। उन्होंने आगे बताया कि दो अन्य लोगों की मृत्यु खेतों में काम करते समय प्राकृतिक कारणों से हुई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु मस्तिष्क रक्तस्राव से हुई।

इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिसमें मध्य प्रदेश के विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अवैध शराब व्यापार पर अंकुश लगाने में विफल रही है।

सिंघार ने दावा किया कि देवास में संदिग्ध नकली शराब की घटना में 13 लोगों की मौत हुई और इसे तीन महीनों में राज्य में इस तरह का तीसरा मामला बताया। उन्होंने सागर में हुई पिछली मौतों का भी जिक्र किया।

प्रशासन के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने पूछा कि अगर दूषित पानी मौतों का कारण था, तो शराब का सेवन करने वाले लोग बीमार क्यों पड़े?

उन्होंने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाया।

सिंघार ने निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चंदना में हुई मौतों का कारण अभी भी विवादित है, जहां परिवार शराब को इसका कारण बता रहे हैं और प्रशासन जहरीली शराब से संबंधित होने से इनकार कर रहा है।