भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर पुरानी जेल रोड स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में प्रदेश संगठन के प्रमुख पदाधिकारी, मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने आजादी के आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित और आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शन के लिए समर्पित किया। राष्ट्रधर्म के प्रकाशन से लेकर साहित्य, पत्रकारिता और जनसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। वे एक कुशल राजनेता, प्रचारक, प्रधानमंत्री और प्रभावी विपक्ष के नेता के रूप में सदैव प्रेरणास्रोत रहे।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ उनका सहयोग भारतीय लोकतांत्रिक मर्यादा का उत्कृष्ट उदाहरण था। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार हिंदी में भाषण देकर देश का गौरव बढ़ाने, पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर भारत को वैश्विक शक्ति बनाने और कारगिल युद्ध के दौरान सेना के शौर्य को संबल देने में वाजपेयी के दृढ़ नेतृत्व को याद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 दलों की गठबंधन सरकार को सफलतापूर्वक संचालित कर उन्होंने असहमति के दौर में भी सहमति बनाने की नई मिसाल कायम की और कभी अपने वैचारिक सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनके लोकतांत्रिक मूल्य और उदार विचार देश के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से वाजपेयी के उच्च आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।




