नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिबेट की चुनौती देने वाले बयान पर भाजपा के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार अपने राजनीतिक मुद्दे और नैरेटिव बदल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा से बचने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहस की मांग करना उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के बयान केवल मूर्ख लोग ही देते हैं। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र चलता है, तब राहुल गांधी चर्चा से दूर भागते हैं। गृहमंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे जब भी चाहें, लोकसभा में संबंधित मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। ऐसे में राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि वे किस तारीख को संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहते हैं।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और उनके पुराने बयानों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा के दौरान राहुल गांधी ऐसे लोगों से मिले, जिनके संबंध टुकड़े-टुकड़े गैंग से बताए जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने ऐसे पुजारियों और लोगों से मुलाकात का भी जिक्र किया, जिन पर सनातन धर्म के देवी-देवताओं का अपमान करने और नक्सलवाद का समर्थन करने के आरोप हैं।
प्रतुल शाहदेव ने आगे कहा कि राहुल गांधी लगातार चीन को भारत का दुश्मन बताते हैं और दावा करते हैं कि चीनी सेना भारतीय क्षेत्र में घुस आई थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच एक समझौता हुआ था। उन्होंने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे विरोधाभासी बताया।
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनूषा रेड्डी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस और राहुल गांधी के पास अब कोई स्पष्ट विचार या राजनीतिक नैरेटिव नहीं बचा है। यही वजह है कि वे लगातार अपने मुद्दे बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पहले ईवीएम में हेरफेर को चुनाव में हार की वजह बताया, फिर वोट चोरी का मुद्दा उठाया। इसके बाद उन्होंने एसआईआर को जिम्मेदार ठहराया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहस करने की मांग कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी के बयान को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए उन पर अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार और प्रधानमंत्री हैं। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और 2029 में भी चुनाव जीतकर सत्ता में लौटेंगे।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव का इंतजार नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें पता है कि वे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अगले एक साल में चुनाव होने की कोई संभावना नहीं है, तो सरकार को एक साल में हटाने जैसी बातों का क्या औचित्य है?
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं, फिर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ मार्च करते हैं और संसद का अपमान करते हुए मॉक पार्लियामेंट आयोजित करते हैं। अब प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा बयान देकर बड़ी गलती की है और देश उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेगा।













