मुंबई। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि भारत सरकार उन पर अपनी आने वाली वॉर ड्रामा फिल्म मातृभूमि की स्क्रिप्ट बदलने के लिए दबाव डाल रही है।शुक्रवार को सलमान ने मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में फिल्म के अपने सह-कलाकारों के साथ एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उन्होंने मीडिया से कहा कि यह बात कि हम चीन के खिलाफ जा रहे हैं या हमारी सरकार ने हम पर स्क्रिप्ट बदलने और उसे फिर से लिखने का दबाव डाला है यह सब बकवास है। इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। हमने सैनिकों, उनके परिवारों और वे किन हालात से गुजरते हैं दोनों तरफ के सैनिकों के अनुभवों पर एक फिल्म बनाई है। इसलिए, इसमें कोई नकारात्मक ताकतें शामिल नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "ये सिर्फ परिस्थितियां हैं। परिस्थितियां नकारात्मक हैं, लेकिन ऐसे समय में इन सैनिकों के लिए उनका देश सबसे पहले आता है। वे एक-दूसरे को पसंद करते हैं, लेकिन जब ऐसी स्थिति आती है तो राष्ट्र सर्वोपरि हो जाता है और दोनों पक्ष इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।"
इस फिल्म का शीर्षक पहले 'गलवान' था। यह 15 जून 2020 को भारत और चीन के बीच हुए 'गलवान गतिरोध' पर आधारित है। यह घटना भारत में कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान हुई थी। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिक आपस में भिड़ गए थे। यह लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चल रहे एक बड़े सीमा विवाद का हिस्सा था। जब दोनों पक्षों ने विवादित इलाकों में गश्त करने की कोशिश की तो यह टकराव हिंसक हो गया।
इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए, जबकि चीन को भी नुकसान उठाना पड़ा। चार दशकों से भी अधिक समय में यह भारत और चीन के बीच सबसे घातक टकराव था। इससे तनाव काफी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों देशों ने अपनी सेना की तैनाती बढ़ा दी और आगे के संघर्ष को टालने के लिए राजनयिक बातचीत शुरू की। फिलहाल भारत और चीन ने अपने संबंधों को सुधार लिया है और कूटनीति के तहत कई रास्ते खोले हैं।

















