श्योपुर, उत्तम रावत। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के सेसईपुरा थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक रिश्तेदार की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे 35 वर्षीय आदिवासी युवक की कूनो नदी के गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम रानीपुरा निवासी रामलाल आदिवासी के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद शुरू किए गए बचाव अभियान में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने दो दिनों तक कूनो नदी के बहाव और गहरे कुंडों में सघन तलाश की। करीब 48 घंटे चले निरंतर रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार शनिवार को युवक का शव नदी से बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रानीपुरा निवासी रामलाल आदिवासी (पिता सीताराम आदिवासी) अपने एक दिवंगत रिश्तेदार के अंतिम संस्कार के उपरांत अस्थि विसर्जन की धार्मिक रस्म पूरी करने के लिए सेसईपुरा क्षेत्र में कूनो नदी के तट पर गए थे। बताया जा रहा है कि जलधारा में अस्थियां विसर्जित करते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में समाकर तेज बहाव में लापता हो गए। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण वे असफल रहे।
एसडीआरएफ ने दो दिनों तक चलाया सघन रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और श्योपुर से एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष बचाव टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मोटर बोट, गोताखोरों और आधुनिक लाइफ सपोर्ट उपकरणों की मदद से नदी में तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पहले दिन देर शाम तक तलाश के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका था। इसके बाद दूसरे दिन सुबह से पुनः सर्च अभियान तेज किया गया। लगातार दो दिनों की कड़ी मशक्कत और नदी के कई किलोमीटर दायरे में छानबीन के बाद अंततः टीम ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर शव को खोज निकाला।
गांव में पसरा मातम, पुलिस ने शुरू की विधिक प्रक्रिया
शव को नदी से बाहर निकालते ही किनारे पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे रानीपुरा गांव में गहरा शोक व्याप्त हो गया। स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के सभी पहलुओं की विधिवत विवेचना शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा।













