ग्वालियर। उमंग सिंघार ने ग्वालियर-चंबल अंचल में जल जीवन मिशन की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का “हर घर जल” अभियान जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है और करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोगों को आज भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कई गांवों में पानी की टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछाई गई। कहीं पाइपलाइन डाली भी गई तो नलों तक पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ उद्घाटन और प्रचार में व्यस्त है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं।
उमंग सिंघार ने कहा कि ग्वालियर जिले में जल जीवन मिशन के तहत 469 गांवों तक नल से जल पहुंचाने के लिए करीब 355 करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन बड़ी संख्या में गांव आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि योजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही दोनों साफ दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर समेत कई जिलों में जल जीवन मिशन की प्रगति अपेक्षा से काफी पीछे बताई जा रही है। कई गांवों में अब भी परिवार नल कनेक्शन से वंचित हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि कुछ जगह तकनीकी और बिजली संबंधी समस्याओं के कारण जल सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होने के बावजूद कई परियोजनाओं में ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई। जानकारी के अनुसार ग्वालियर जिले में करोड़ों रुपए की दंड राशि अब भी वसूली के दायरे में है।



