भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसपी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोहेफिजा थाना में पदस्थ एक आरक्षक और एफआरवी चालक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एफआरवी चालक सुनील मालवीय और आरक्षक यशराज तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसीपी अनिल वाजपेयी के मुताबिक, अशोका पैलेस निवासी प्रतीक नारायण साहू ने 10 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी मकान मालकिन आरती कपूर के कहने पर दो पुलिसकर्मी और एक अन्य व्यक्ति उसके घर पहुंचे और मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और किसी मामले में फंसाने की धमकी देकर मकान खाली करने के लिए समय देने के एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी।


शिकायत के बाद पुलिस ने ट्रैप की कार्रवाई की। प्रतीक ने पुलिस को बताया कि उसके पास केवल 20 हजार रुपए हैं। इसके बाद पुलिस ने 500-500 रुपए के 40 नोटों का पंचनामा तैयार कर उसे आरोपियों तक भेजा। आरोपियों ने उसे कोहेफिजा पुलिस सहायता केंद्र के पास बुलाया, जहां एफआरवी चालक सुनील मालवीय रिश्वत लेने पहुंचा। जैसे ही उसने 20 हजार रुपए लिए, पुलिस टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से वही नोट बरामद हुए जिनके नंबर पहले से दर्ज किए गए थे। पुलिस ने शिकायतकर्ता का मोबाइल भी आरोपी के पास से बरामद कर लिया। पूछताछ में सुनील मालवीय ने बताया कि उसने यह रकम आरक्षक यशराज तोमर के कहने पर ली थी। इसके बाद पुलिस ने यशराज तोमर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने भी अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और कोहेफिजा थाने में पदस्थ अन्य पुलिसकर्मियों की गोपनीय जांच भी शुरू कर दी गई है।