भोपाल,जीतेंद्र यादव। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश का छोटा किसान इस समय सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और अव्यवस्थाओं के कारण किसानों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के छोटे किसानों ने मजबूरी में पहले ही अपना गेहूं औने-पौने दामों में बेच दिया है। समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही किसानों को बाजार में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि क्या वह किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी या नहीं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी शुरू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं। कई खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं, किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और तौल प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। इसके अलावा बारदाने की कमी और परिवहन की समस्या भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन हकीकत में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है। सिंघार ने मांग की कि सरकार तत्काल खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त करे और किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि किसान पहले ही महंगाई और बढ़ती लागत से जूझ रहा है, ऐसे में खरीदी व्यवस्था में लापरवाही उसके लिए और मुश्किलें खड़ी कर रही है।
वहीं, सरकार की ओर से अब तक इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में गेहूं खरीदी को लेकर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और गर्माहट बढ़ने की संभावना है।


