छतरपुर, संजय अवस्थी। शहर के ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण जल स्रोत किशोर सागर तालाब के भराव क्षेत्र में जेसीबी मशीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मिट्टी डालकर पुराई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तालाब के कैचमेंट एरिया में अवैध रूप से कब्जे की तैयारी की जा रही है, जिससे तालाब के अस्तित्व और जल संरक्षण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के अनुसार तालाब के आसपास जेसीबी मशीनों से लगातार मिट्टी डाली जा रही है और भराव क्षेत्र को समतल बनाया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह कार्य बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया जा रहा है, जिससे भविष्य में तालाब का जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित होगा और वर्षा जल का प्राकृतिक संग्रहण बाधित हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद राजस्व विभाग और नगर पालिका प्रशासन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते अवैध गतिविधियां लगातार जारी हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच कराने तथा तालाब के भराव क्षेत्र में हो रही पुराई पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शहर के महत्वपूर्ण जल स्रोत को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किशोर सागर तालाब की सीमाओं और भराव क्षेत्र का सर्वे कराकर अवैध अतिक्रमण एवं पुराई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर की जल विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।

