पन्ना/अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीम। उत्तर वन मंडल की अजयगढ़ रेंज अंतर्गत ग्राम पेराहा में रविवार, 18 अक्टूबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। देखते ही देखते अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई भीषण खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से हुई मारपीट और तीखी झड़प में महिलाओं सहित कई ग्रामीण तथा दो वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अजयगढ़ स्वास्थ्य केंद्र और पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पेराहा स्थित लगभग 30 हेक्टेयर वन भूमि पर पटेल समाज के लोग लंबे समय से खेती-किसानी करते आ रहे थे। इस भूमि से पूर्व में भी कई बार कब्जा हटाने का प्रयास किया गया था, परंतु हर बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाने से कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ती थी। रविवार सुबह छतरपुर एवं पन्ना रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पुनः संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई।
कार्रवाई के दौरान भूमि को दोबारा अतिक्रमण से बचाने के उद्देश्य से वन विभाग दैनिक वेतनभोगियों के माध्यम से आनन-फानन में पौधरोपण करवा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई का तीव्र विरोध करना शुरू कर दिया, जिससे देखते ही देखते माहौल हिंसक हो उठा।
इस खूनी झड़प में देवेंद्रनगर के वन रक्षक बसंत लाला वर्मा तथा दक्षिण वन मंडल पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दूसरी तरफ पन्ना जिला अस्पताल में उपचाराधीन पीड़ित ग्रामीण विनोद पटेल ने आरोप लगाया है कि पुलिस और वन विभाग की टीम ने बिना किसी पूर्व नोटिस के सुबह-सुबह जबरन कार्रवाई शुरू कर दी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों एवं बयानों के आधार पर पुलिस मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।













