टीकमगढ़। जिले के ग्राम कोटरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र मचयाखेरा से अनुकंपा नियुक्ति में गंभीर अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग टीकमगढ़ को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया गया है कि दिवंगत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती आशा यादव की मृत्यु के बाद नियमों को ताक पर रखकर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि कार्यकर्ता की मृत्यु के समय परिवार में कोई पात्र महिला सदस्य नहीं थी, जिसके चलते उनके नाबालिग पुत्र की अनरजिस्टर्ड शादी कराकर नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया गया।
मृत्यु के डेढ़ महीने बाद का कोविड ड्यूटी आदेश! जांच के दायरे में आया मामला
शिकायत पत्र में उठाए गए बिंदुओं के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मृत्यु 27 नवंबर 2021 को हो चुकी थी। इसके बावजूद अनुकंपा नियुक्ति का आधार 17 जनवरी 2022 के कोविड ड्यूटी आदेश को बनाया जा रहा है। मृत्यु के लगभग डेढ़ माह बाद जारी ड्यूटी आदेश पर सवाल उठाते हुए मांग की गई है कि इस बात की पड़ताल की जाए कि मृत्यु के पूर्व का कोई वैध और मूल शासकीय आदेश मौजूद है भी या नहीं।
मुख्यमंत्री अनुकंपा योजना के नियमों का उल्लंघन, योजना की तय समयावधि से बाहर की मृत्यु
शिकायत में योजना के नियमों की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए बताया गया है कि जिस 'मुख्यमंत्री अनुकंपा योजना' के तहत यह लाभ दिया जा रहा है, उसकी अंतिम सीमा 31 मई 2021 थी। नियमानुसार 31 मई 2021 के 60 दिनों के भीतर कोविड संक्रमण से हुई मृत्यु पर ही यह योजना लागू होती है। चूंकि कार्यकर्ता का निधन 27 नवंबर 2021 को हुआ था, अतः यह मामला इस पात्रता के दायरे से बाहर है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले के प्रमाण प्रस्तुत करने अथवा निष्पक्ष जांच कराकर संदिग्ध नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आग्रह किया है।













