झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में पंजाब के सर्राफा कारोबारी से हुए 5 करोड़ रुपये के सोने और 15 लाख रुपये नकद की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। महाराष्ट्र के अंतरराज्यीय चोर गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपी अमोल मारूती पिटेकर (29 वर्ष) ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनकी गैंग ने 7 राज्यों में चोरियां की हैं, लेकिन कभी यूपी में हाथ नहीं डाला। अगर उन्हें पता होता कि इस बार वारदात उत्तर प्रदेश की सीमा में हो रही है, तो वे कभी चोरी नहीं करते।
बस की जाली पर रखे थे गहनों से भरे बैग; मऊरानीपुर में उड़ाई रकम
झांसी के एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि अमृतसर के बड़े सर्राफा कारोबारी गुरकीरत सिंह सोने के गहने तैयार कर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में सप्लाई करते हैं। वे अमृतसर से पहले झांसी आए, फिर मध्य प्रदेश के जबलपुर और छतरपुर में सप्लाई करने के बाद 29 अक्टूबर को छतरपुर से झांसी लौटने के लिए प्राइवेट बस में सवार हुए थे। कारोबारी ने साधारण थैलों और 5 बैगों में करीब 6,937 ग्राम सोने के गहने (कीमत 5 करोड़ रुपये) और 15 लाख रुपये नकद रखे थे। बैग बस की सीट के ऊपर बनी जाली पर रखे थे। बस में पहले से सवार गिरोह के 3 बदमाशों ने मऊरानीपुर बस स्टैंड पर बस रुकते ही गहनों से भरे 2 बैग पार कर लिए और सफेद रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर महाराष्ट्र की ओर फरार हो गए।
2 हजार किलोमीटर के CCTV फुटेज खंगालकर महाराष्ट्र पहुंची पुलिस
पुलिस के पास केवल एक धुंधला सीसीटीवी फुटेज था। झांसी पुलिस की 8 टीमों ने स्कॉर्पियो का पीछा करते हुए 2 हजार किलोमीटर से अधिक के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और फास्टैग (Fastag) की डिटेल के आधार पर पुलिस महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले के कर्जत थाना क्षेत्र स्थित महालंगी गांव तक पहुंच गई। 3 नवंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी अमोल मारूती पिटेकर को दबोच लिया, जिसके नाम पर वह स्कॉर्पियो रजिस्टर्ड थी जिससे बदमाश भागे थे।
कर्ज चुकाने के लिए रची गई थी साजिश; 5 आरोपी अभी भी फरार
पूछताछ में आरोपी अमोल ने बताया कि इस गिरोह का सरगना उसका अपना पिता मारूती राजाराम पिटेकर है। 20 लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए इस सनसनीखेज चोरी को अंजाम दिया गया था। वारदात के बाद पिता ने उसे राशिन कस्बे में बुलाकर कर्ज चुकाने के लिए 20 लाख रुपये दिए थे। पुलिस ने आरोपी अमोल के पास से 1.40 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल और उसके तीन बैंक खातों में जमा 17.06 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस साजिश में कारोबारी का कोई करीबी या स्थानीय व्यक्ति भी शामिल था, जिसने बदमाशों को सटीक लोकेशन दी थी। फिलहाल, अमोल के पिता समेत 5 अन्य फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं।

















