भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक परिसर में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस परेड, बैंड और विभिन्न टुकड़ियों की उपस्थिति ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के साहस, निष्ठा और समर्पण को गहराई से याद किया गया। इस मौके पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए मध्यप्रदेश पुलिस के 9 जवानों के बलिदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
शस्त्र का उद्देश्य रक्षा करना: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में शस्त्र धारण करने का मुख्य उद्देश्य हमेशा से सज्जनों की रक्षा और दूसरों की हिफाजत करना रहा है। उन्होंने कहा कि अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर में भी मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने अपनी ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस और उच्च कोटि की बहादुरी का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के इस ऐतिहासिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन वीर जवानों का बलिदान देश और समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
नक्सलवाद पर प्रहार और पुलिस विभाग में जल्द होंगी नई भर्तियां
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की सफल रणनीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व में देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल हुई है। पुलिस बल को और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में जल्द ही पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर नई भर्तियां की जाएंगी, जिससे प्रशासनिक और मैदानी स्तर पर पुलिस बल को और अधिक मजबूती मिलेगी।
डीजीपी कैलाश मकवाना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने भी उपस्थित जनसमूह और पुलिस बल को संबोधित किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आगामी पर्वों और त्योहारों की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन उन अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के खातिर अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है।
















