इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को सड़क के अधूरे हिस्से के निर्माण के लिए रास्ता साफ करने के मकसद से चलाए गए अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और नगर निगम की टीम पर कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद दो लोगों को हिरासत में लिया गया। यह घटना मंगलवार सुबह 11 बजे हुई, जब इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन की एक टीम, पुलिसकर्मियों और अर्थ-मूविंग मशीनों के साथ बिचोली काकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंची ताकि सड़क के रास्ते में आ रहे ढांचों को हटाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कथित तौर पर हटाने वाली टीम और पुलिस पर पत्थर फेंके गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। दो लोगों को मामूली चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि घटना के सिलसिले में दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया और पुलिस तथा नगर निगम की टीम पर पत्थर फेंके गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और इलाके में और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि सड़क के रास्ते के सीमांकन और प्रशासनिक आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
आरई-2 सड़क 4.25 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी है। सड़क का लगभग 3.20 किलोमीटर हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है जबकि बंगाली स्क्वायर और पिपलियाहाना के बीच लगभग एक किलोमीटर के हिस्से का काम अतिक्रमण और अन्य बाधाओं के कारण करीब तीन वर्षों से रुका हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों पर अब तक लगभग 55 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। शेष रास्ते में सात बस्तियां आती हैं। पिपलियाहाना-बिचोली काकड़ क्षेत्र में 325 परिवारों को पहले ही दूसरी जगह बसाया जा चुका है, जिनमें 303 परिवार आवंटित आवास इकाइयों में रह रहे हैं। कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण पहले 22 घरों को नहीं हटाया जा सका था।
कोर्ट के फैसले के बाद, प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास आवंटित किए गए हैं और उन्हें 15 दिन का नोटिस दिया गया है। इन घरों के अलावा, 58 अवैध अस्थायी ढांचों को भी हटाया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर इलाका, स्कंद धाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्ती में रहने वाले परिवारों को पहले ही नीलगिरी कॉम्प्लेक्स में बसाया जा चुका है। प्रशासन की योजना है कि शिवनगर के 80 घरों में रहने वाले 117 परिवारों और शिवदर्शन नगर के 55 घरों में रहने वाले 72 परिवारों को भी इसी कॉम्प्लेक्स में बसाया जाएगा।











